CODE BOT Championship में दिखी युवा भारत की तकनीकी प्रतिभा, डॉ. राजेश्वर सिंह बोले—“Technology Consumer नहीं, Technology Creator बनें”

जनपत की खबर , 24

 **राष्ट्रीय स्तरीय Robotics Championship में युवा Innovators से संवाद; AI, Robotics, Coding और Reverse Engineering को बताया भविष्य की आवश्यकता**
 
**लखनऊ, 22 अगस्त।** सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को SKD Academy, वृंदावन ब्रांच, रायबरेली रोड में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय **CODE BOT Championship** में प्रतिभाग कर देशभर से आए युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के वैज्ञानिक एवं AI आधारित Innovations का अवलोकन किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 युवा प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
 
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि तकनीक केवल मशीनों को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने की शक्ति है। **Coding, Artificial Intelligence, Robotics और Digital Skills में दक्ष युवा ही भारत की तकनीकी क्षमता, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनेंगे।**
 
### छह प्रतियोगिताओं में युवा प्रतिभाओं ने दिखाया हुनर
 
राष्ट्रीय स्तर की CODE BOT Championship में महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों ने **Robo Race, Bot Combat, Fastest Line Follower, Innovation Challenge, Robo Soccer और Drone Racing** जैसी छह प्रतिस्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
 
SKD Academy के प्रयासों की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं का महत्व केवल हार-जीत तक सीमित नहीं है। ये बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और Innovation की वह ‘Spark’ पैदा करने का काम करती हैं, जो भविष्य में बड़े आविष्कारों और तकनीकी समाधानों का आधार बन सकती है।
 
उन्होंने कहा कि कम उम्र में बच्चों को सही exposure, competitive environment और encouragement मिलने से उनकी सोच और आत्मविश्वास का विस्तार होता है। आज प्रयोग करने वाले यही बच्चे कल भारत के innovators और technology creators बनेंगे।
 
### विद्यार्थियों के Innovations में दिखी भविष्य के भारत की झलक
 
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा विकसित विभिन्न तकनीकी और AI आधारित मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। डॉ. सिंह ने **Smart Highway City, Smart Bus Student Tracking System, AI-Powered Smart Irrigation & Fertigation System, Safe Pulse, Airdrop और Alert Systems** सहित कई मॉडल्स एवं प्रोटोटाइप्स का अवलोकन किया।
 
उन्होंने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट की तकनीक, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर संवाद किया। MiG-29 आधारित मॉडल के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों में बीज एवं आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति जैसी संभावनाओं का प्रदर्शन भी किया गया।
 
डॉ. सिंह ने कहा कि तकनीक का वास्तविक मूल्य तब है, जब वह किसी वास्तविक समस्या का समाधान प्रस्तुत करे। बच्चों द्वारा Technology को Agriculture, Safety, Transportation और Emergency Response जैसी आवश्यकताओं से जोड़ना उनकी अभिनव सोच और तकनीकी समझ का प्रमाण है।
 
### “भविष्य Intelligent Machines का, लेकिन नियंत्रण मनुष्य के हाथ में रहे”
 
युवाओं से संवाद करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भविष्य Intelligent Machines का है, लेकिन तकनीक सदैव मनुष्य के नियंत्रण में रहे—यह नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
 
उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट करने तथा **Reverse Engineering, Artificial Intelligence, Robotics और Advanced Digital Technologies** में दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
 
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत को केवल दुनिया में विकसित तकनीकों का उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिए। भारतीय युवाओं को ऐसी क्षमता विकसित करनी होगी कि वे बेहतर, सुरक्षित और स्वदेशी तकनीक एवं मशीनों का निर्माण कर सकें। **भारत को Technology Consumer से Technology Creator बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए।**
 
### Digital Sarojini Nagar के जरिए Future-Ready Education को बढ़ावा
 
डॉ. राजेश्वर सिंह की शिक्षा को आधुनिक तकनीक और कौशल विकास से जोड़ने की सोच सरोजनीनगर में चल रहे **Digital Sarojini Nagar** अभियान में भी दिखाई देती है। अभियान के तहत विद्यार्थियों के लिए आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
 
इसके अंतर्गत **37 कॉलेजों में 450 से अधिक कंप्यूटरों के साथ Digital Labs** स्थापित की गई हैं, जबकि **44 विद्यालयों में Interactive Digital Boards के माध्यम से Smart Classrooms** विकसित किए गए हैं। इसके अलावा **2,000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों** को laptops, tablets एवं अन्य digital education resources उपलब्ध कराए गए हैं।
 
वहीं, आठ विद्यालयों को IIT विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से जोड़कर AI-enabled digital study material एवं smart learning के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
 
डॉ. सिंह ने कहा कि भविष्य की शिक्षा केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं हो सकती। उसमें बच्चों में **critical thinking, creativity, technological competence और problem-solving ability** विकसित करना जरूरी है। शिक्षा, तकनीक और कौशल का यह समन्वय नई पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
 
### 16 युवा प्रतिभाओं को किया सम्मानित
 
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 युवा प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों की मेहनत और प्रयोगधर्मिता की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर सीखते और नवाचार करते रहने के लिए प्रेरित किया।
 
**Robo Soccer** में Indorama Public School विजेता तथा Seth Anandram Jaipuria School उपविजेता रहा। **Robo Race** में Virat Tripathi (CMS) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि Gaurav (Guru Kripa Divine Grace School), Ansh Singh (Seth Anandram Jaipuria School), Harsh Awasthi एवं Harsh Yadav (SKD Academy) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
 
**Drone Racing Challenge** में Varnan Singh (KR Mangalam School) विजेता रहे। Arnav Agarwal (La Martiniere School) एवं Hardik Pal (SKD Academy) को भी सम्मानित किया गया। वहीं Ashutosh, Ranveer Pathak एवं Anuj Maurya (SKD Academy) ने उपविजेता के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
 
### तकनीक के साथ कला और Creativity को भी प्रोत्साहन
 
कार्यक्रम में तकनीकी प्रतिभा के साथ कला एवं रचनात्मकता को भी प्रोत्साहित किया गया। डॉ. राजेश्वर सिंह ने Art Gallery का भ्रमण कर विद्यार्थियों की कलाकृतियों की सराहना की और एक प्रतिभागी की पेंटिंग **₹5,000 में क्रय** कर युवा कलाकार का उत्साहवर्धन किया।
 
इस अवसर पर Shri Krishna Dutta Academy of Higher Education की छात्राओं **रोहिणी मिश्रा एवं अदिति चौधरी** ने डॉ. सिंह को अपनी बनाई पेंटिंग भेंट की।
 
कार्यक्रम में **सी.एच. वैष्णव (CBO एवं Co-Founder, Aerobay), मनोज सिंह (पूर्व IPS अधिकारी), अंकित यादव (Joint General Manager, UP Metro), किरण यादव (Additional DCP, Cyber Crime), SKD सिंह (Chairman, SKD Group for Education), मनीष सिंह (Director, SKD Group of Education), निशा सिंह (Deputy Director, SKD Group of Education) एवं कुसुम बत्रा (Assistant Director, SKD Group of Education)** सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
 
### “आज के युवा Innovators ही कल के आत्मनिर्भर भारत की तकनीकी शक्ति”
 
डॉ. राजेश्वर सिंह ने SKD Academy की पूरी टीम को भविष्यपरक और प्रेरणादायी आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर Robotics, AI, Coding और Innovation को प्रोत्साहित करने वाले ऐसे मंच नई पीढ़ी के आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।
 
उन्होंने युवा प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज इन बच्चों के मॉडल्स में दिखाई दे रही **Curiosity, Creativity और Innovation की Spark** ही कल भारत की तकनीकी शक्ति बनेगी। हमारा लक्ष्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो तकनीक का केवल उपयोग न करे, बल्कि तकनीक का निर्माण करे। तकनीकी रूप से सक्षम, वैज्ञानिक सोच से समृद्ध और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध युवा ही सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माता बनेंगे।

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