यूपी के दो मुख्यमंत्रियों के 15 वर्षों के शासन का होगा तुलनात्मक अध्ययन, आजाद अधिकार सेना ने लॉन्च किया UP GAP–2027

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रूल ऑफ लॉ के आधार पर अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल का होगा प्रमाण-आधारित मूल्यांकन: अमिताभ ठाकुर

लखनऊ। आजाद अधिकार सेना ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले "उत्तर प्रदेश गवर्नेंस असेसमेंट प्रोजेक्ट–2027 (UP GAP–2027)" की शुरुआत की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने मंगलवार को परियोजना का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के दो लगातार मुख्यमंत्रियों के शासनकाल का तुलनात्मक और प्रमाण-आधारित अध्ययन किया जाएगा।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी सरकारों की उपलब्धियों और प्रतिद्वंद्वी दलों की कमियों को जनता के सामने रखेंगे। ऐसे समय में मतदाताओं को रूल ऑफ लॉ (विधि के शासन) के दृष्टिकोण से तथ्यपरक, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित विश्लेषण उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल के रूप में आजाद अधिकार सेना इसे अपना लोकतांत्रिक दायित्व मानती है कि शासन से जुड़े तथ्य सार्वजनिक, सत्यापन योग्य और संतुलित रूप में मतदाताओं के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। इसी उद्देश्य से UP GAP–2027 परियोजना शुरू की गई है।

परियोजना के तहत वर्ष 2012 से 2017 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा वर्ष 2017 से 2027 तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल का विभिन्न मानकों पर तुलनात्मक मूल्यांकन किया जाएगा। अध्ययन में कानून का शासन, प्रशासनिक व्यवस्था, सुशासन और अन्य सार्वजनिक नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषण किया जाएगा।

अमिताभ ठाकुर ने स्पष्ट किया कि इस अध्ययन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या नेता का समर्थन या विरोध करना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक और सत्यापन योग्य स्रोतों के आधार पर मतदाताओं के सामने निष्पक्ष एवं प्रमाण-आधारित विश्लेषण प्रस्तुत करना है। उन्होंने बताया कि परियोजना का घोषणापत्र जारी कर दिया गया है और आगामी महीनों में विभिन्न विषयों पर क्रमवार अध्ययन रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएंगी।

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