**मानसून सत्र से पहले मायावती का केंद्र पर निशाना, बोलीं—पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार करे ठोस कार्रवाई**

जनपत की खबर , 28

**BSP प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट कर कहा—युवाओं की निराशा दूर करने के लिए परीक्षा प्रणाली मजबूत हो, सरकारी शिक्षा और बजट बढ़ाया जाए।**
 
 
**लखनऊ।** संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले **बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती** ने देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म **एक्स** पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के बार-बार पेपर लीक होने और परीक्षाएं रद्द होने से लाखों छात्र-युवा गहरे असमंजस और निराशा में हैं।
 
मायावती ने कहा कि संसद सत्र के दौरान सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि **प्रदर्शन कर रहे छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो।** उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और सूझबूझ के साथ किया जाना चाहिए।
 
उन्होंने मांग की कि **पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा** का प्रावधान किया जाए, ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
 
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि **उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में गुणवत्तापूर्ण सरकारी स्कूलों की कमी** है। इसके चलते महंगे निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
 
मायावती ने कहा कि आज महंगाई के दौर में परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को शिक्षा क्षेत्र में **पर्याप्त बजट प्रावधान** कर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना चाहिए, ताकि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल हो सके।

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