E20 पेट्रोल से इंजन फेल होने का कोई प्रमाण नहीं: सरकार E20 पेट्रोल पर सरकार का संसद में जवाब, इंजन पर प्रतिकूल प्रभाव के दावों को बताया निराधार

जनपत की खबर , 34

नई दिल्ली/लखनऊ।

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है: राज्य मंत्री सुरेश गोपी 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के उपयोग से वाहनों के इंजन या अन्य पुर्जों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के दावों की व्यापक पुष्टि नहीं हुई है। सरकार ने कहा कि E20 कार्यक्रम को लागू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और विशेषज्ञ संस्थानों से परामर्श किया गया था।
राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि भारत ने E20 मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा से लगभग पांच वर्ष पहले ही हासिल कर लिया है। इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में नीति आयोग, सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) सहित कई विशेषज्ञ संस्थानों की भागीदारी रही।
सरकार के अनुसार, वर्ष 2014-15 से अब तक एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के चलते 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इसके साथ ही 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात का विकल्प, 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी तथा किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय सुनिश्चित हुई है।
सरकार ने कहा कि E20 ईंधन के उपयोग से इंजन फेल होने, फ्यूल पंप खराब होने, जंग लगने, पानी से संबंधित समस्याएं या वाहन के प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव जैसी शिकायतों की कोई व्यापक या प्रमाणित जानकारी वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल उद्योग संगठनों अथवा उपभोक्ता संगठनों से प्राप्त नहीं हुई है।
सरकार ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर सामने आई आशंकाओं का वैज्ञानिक आधार पर परीक्षण कराया गया, लेकिन इन दावों की व्यापक पुष्टि नहीं हो सकी। सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

Related Articles

Comments

Back to Top