पलिया बस यूनियन के ड्राइवर लामबंद, बसों के संचालन पर कोई असर नहीं
अन्य खबरे Apr 03, 2026 at 04:20 PM , 64विश्वकांत त्रिपाठी/केके शुक्ला
पलिया कलां लखीमपुर खीरी। जनपद के बस ड्राइवर लामबंद, बसों के संचालन पर कोई असर नहीं, 27 फरवरी को मनीष बस चालक और एक नामी-गिरामी मोटर मालिक के मध्य हुई मारपीट के बाद से उपजे विवाद की चिनगारी शुक्रवार 3 अप्रैल को ज्वालामुखी बन फूटी और दर्जनों बस चालक चालक महा संगठन के बैनर तले बावर्दी सड़क पर उतर आए और वर्दी पहनकर बस चलाने की जिद की इसपर बस संचालकों ने विरोध करते हुए कहा कि युनिनियन में मोटर मालिकों के बनाये नियम कानून चलेगें, यदि मोटर चलाना है तो बिना वर्दी साधारण कपड़े पहन कर चलाओ,अथवा उतर जाओ।
इस कथन के बाद उत्तेजित चालकों ने गाड़ियां छोड़ प्राइवेट बस यूनियन का चक्का जाम करने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे, और जिले के सभी रोडों पर पूर्व की भांति बसे दौड़ती रहीं,नये और अनट्रेंड बस चालकों को अपने हाथ खोलने का मौका जरूर मिला, वहीं कुछ मोटर मालिक खुद भी बसें चलाते देखे गये।
शुक्रवार सुबह 9 बजे के बाद पलिया बसस्टैंड पर दर्जनों ड्राइवर यूपी चालक परिचालक संगठन की वर्दी बहन बस स्टैंड पर लामबंद दिखे तथा उन्होंने कहा कि हम वर्दी पहन कर ही गाड़ी चलाएंगे इस पर कुछ बस संचालकों को आपत्ति हुई आपत्ति के बाद बिना वर्दी वाहन चलने से इनकार कर दिया।
चालक संगठन के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि 27 फरवरी मारपीट प्रकरण की शिकायत पलिया थाने में दी गई उसके बाद पुलिस कप्तान के हस्ताक्षर के बाद संबंधित धाराओं में चालक मनीष की शिकायत पर मुकदमा भी दर्ज हुआ जिसकी जांच अभी तक चल रही है।
उसे मारपीट की घटना ने बस चालकों को लामबंद होने पर मजबूर करदिया, चालक संगठन के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि बस मालिक बेवजह चालकों तथा परिचालकों के साथ आए दिन मारपीट कर उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की धमकी देते हैं तथा कुछ दिन के बाद दबाव बनाकर समझौता कर ड्यूटी पर बुला लेते हैं जिससे चालक पर चालकों का अहित होता है और बेइज्जती महसूस करनी पड़ती है इसलिए हम सब रजिस्टर्ड यूनियन के माध्यम से संगठित होकर ही मोटर चलाएंगे इस बाबा शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा थाना प्रभारी को पत्र दे दिया गया है आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी प्रदेश के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।
"इस बाबत पलिया बस यूनियन के संरक्षक सरदार धर्म सिंह ने बताया कि हमारी चालक परिचालकों से कोई शिकायत नहीं,अगर उन्हें यूनियन में काम करना है तो वह हमारे हिसाब से करें,अथवा उनका रास्ता अलग और हमारा अलग"है।



























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