सीएम योगी का बड़ा फैसला: यूपी पुलिस में 81 हजार भर्ती, साइबर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में भर्ती, साइबर सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवा और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी/ईओडब्ल्यू एवं यूपी-112 नीरा रावत, डीजी/टेलीकॉम आशुतोष पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
81 हजार भर्तियों का ऐलान
मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश पुलिस में 81,000 से अधिक पदों पर भर्ती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, मेरिट आधारित और समयबद्ध होनी चाहिए, साथ ही आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
सीएम ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। सभी 75 जिलों में पुलिस रेडियो प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-ऑफिस से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए, ताकि संचार व्यवस्था तेज और पारदर्शी हो सके।
यूपी-112 की रिस्पॉन्स टाइम घटाने के निर्देश
आपातकालीन सेवा यूपी-112 की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में पीआरवी का औसत रिस्पॉन्स टाइम 6 मिनट है। मुख्यमंत्री ने इसे और कम करने के निर्देश दिए और वाहनों की रणनीतिक तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना बताया गया।
अग्निशमन और जेल सुधार पर फोकस
बैठक में ‘एक तहसील-एक फायर टेंडर’ योजना को तेजी से लागू करने और हर जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कारागार विभाग को जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया, जिससे सुरक्षा और संसाधनों की बचत हो सके।
साइबर अपराध पर सख्ती
प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। अब तक करीब 425.7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी रोकी जा चुकी है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
प्रशिक्षण और कल्याण योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 60,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही वर्ष 2026-27 में 4,500 उपनिरीक्षकों और 7,500 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण को तेज करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस कर्मियों के लिए आवास निर्माण और कॉर्पस फंड बनाने की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे उनके कल्याण और मनोबल को बढ़ावा मिलेगा।
‘ऑपरेशन मुस्कान’ की सराहना
बैठक में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत 2,325 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने की सराहना की गई। साथ ही रेलवे पुलिस को ट्रैक सुरक्षा मजबूत करने और मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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