लखनऊ में रचा साहित्यिक इतिहास: डॉ. अनीता सहगल ‘वसुंधरा’ की 51 पुस्तकों का एक साथ विमोचन, वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित
अन्य खबरे Dec 20, 2025 at 05:20 PM , 143लखनऊ। कभी-कभी शहरों की शामें साधारण नहीं होतीं, वे इतिहास रचती हैं। लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय बोध शोध संस्थान का सभागार ऐसी ही एक ऐतिहासिक शाम का साक्षी बना, जहाँ साहित्य, प्रतिभा और मानवीय मूल्यों का भव्य संगम देखने को मिला। केंद्र में रहीं प्रख्यात लेखिका डॉ. अनीता सहगल ‘वसुंधरा’, जिनकी लेखनी ने न केवल रिकॉर्ड बनाए, बल्कि प्रेरणा की नई मिसाल भी पेश की।
लता फाउंडेशन एवं ब्लू टर्टल प्रोडक्शंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में मेगा पुस्तक विमोचन, वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान समारोह और प्रतिभा श्री सम्मान सीजन–2 का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान रहे, जिनके करकमलों से डॉ. अनीता सहगल द्वारा रचित 51 पुस्तकों का एक साथ विमोचन किया गया। यह क्षण सभागार को तालियों की गूंज से भर देने वाला रहा।
कविता, कहानी, सामाजिक विमर्श, आत्मचिंतन, प्रेरक और बाल साहित्य सहित विविध विधाओं में लिखी गई ये पुस्तकें डॉ. अनीता सहगल की बहुआयामी रचनात्मकता का प्रमाण हैं। सबसे कम समय में विभिन्न विधाओं में 51 पुस्तकें लिखने के लिए उन्हें विश्व रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही किंग्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ‘अमैजिंग ब्रिलियंस’ श्रेणी में भी उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि पवन सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं। उन्होंने कहा, “जब लेखनी समाज के लिए काम करती है, तब वह केवल साहित्य नहीं, संस्कार भी रचती है।” विशिष्ट अतिथि भारतीय नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी ने डॉ. अनीता सहगल की लेखनी को सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली बताया। फिल्म निर्माता मुकेश पाण्डेय ने कहा कि उनकी पुस्तकें समाज के संघर्षों के साथ-साथ आशा और परिवर्तन की प्रेरणा भी देती हैं।
एक्सक्लूसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से आए पंकज खटवानी ने कहा कि इतनी कम अवधि में 51 पुस्तकों का लेखन कर विश्व रिकॉर्ड बनाना असाधारण उपलब्धि है और यह लखनऊ के लिए गर्व का विषय है।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति विश्वनाथ, विधायक संतकबीरनगर गणेश चौहान, पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. सूर्य कुमार शुक्ल, फिल्म निर्माता-निर्देशक कीर्ति कुमार आहूजा, शोध संस्थान निदेशक राकेश सिंह, राष्ट्रकवि कुमार पंकज सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में इंडियन फिल्म्स एकेडमी के संस्थापक दिनेश कुमार सहगल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



























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