यूनेस्को की सूची में लखनऊ का नाम हमारे खान-पान की समृद्ध विरासत की वैश्विक स्वीकृति है-जयवीर सिंह
अन्य खबरे Oct 31, 2025 at 08:30 PM , 193लखनऊ: 31 अक्टूबर, 2025
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को यूनेस्को द्वारा ’’क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी’’ घोषित किया गया है। लखनऊ यूनेस्को की क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी के अंतर्गत शामिल किया गया है। यह घोषणा 31 अक्टूबर 2025 को समरकंद (उज़्बेकिस्तान) में आयोजित यूनेस्को की 43वीं जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसे ’’वर्ल्ड सिटीज डे’’ के रूप में मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ की यह उपलब्धि उसके समृद्ध खान-पान परंपरा, नवाचार और सांस्कृतिक विविधता का वैश्विक सम्मान है।
श्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने लखनऊ के लिए नामांकन किया था। विभाग ने यह प्रस्ताव 31 जनवरी 2025 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को प्रस्तुत किया था। मंत्रालय द्वारा विस्तृत समीक्षा और अनुमोदन के बाद भारत सरकार ने 03 मार्च 2025 को यूनेस्को को अंतिम डॉसियर आधिकारिक रूप से भेजा। 31 अक्टूबर 2025 को समरकंद में आयोजित यूनेस्को की 43वीं जनरल कॉन्फ्रेंस के दौरान लखनऊ को क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी में सम्मिलित किए जाने की घोषणा हुई।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी का खिताब उन शहरों को दिया जाता है, जो अपनी अपनी प्राचीन कला, खाद्य संस्कृति और विरासत के लिए जाने जाते हैं। लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जिसे दुनियाभर में श्नवाबों का शहरश् जैसे उपनामों से भी जाना जाता है। यहां की संस्कृति, खान-पान और पहनावा लोगों को काफी आकर्षित करता है। उन्होंने बताया कि यह वैश्विक सम्मान दर्शाता है कि पर्यटन क्षेत्र ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करने में कैसे योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूर दृष्टि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर भारत को गौरवान्वित कर रहा है।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि यूनेस्को की ओर से घोषित सूची के अनुसार अब दुनियाभर में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी की 70 क्रिएटिव सिटीज हो गई हैं। इस वर्ष की घोषणा में 08 नए शहरों को इस प्रतिष्ठित नेटवर्क में जोड़ा गया है। लखनऊ के इस चयन से न केवल उसकी व्यंजन परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक एवं पाक कला धरोहर को भी नए आयाम प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लखनऊ में कुल 82,74,154 पर्यटक आए, जबकि साल 2025 के पहले छह महीनों में ही 70,20,492 पर्यटकों ने आगमन हुआ। बढ़ते पर्यटक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि व्यंजन और संस्कृति, उत्तर प्रदेश में पर्यटन वृद्धि के प्रमुख प्रेरक तत्व हैं।
विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने बताया कि लखनऊ का चयन क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी में होना सम्मान की बात है। इस चयन के साथ, लखनऊ अब दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो खानपान को सांस्कृतिक संवाद और सतत विकास का माध्यम बना रहे हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लखनऊ की इस अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। लखनऊ की यह पहचान उसके अवधी व्यंजनों, परंपरा और खानपान की विविधता का प्रमाण है। यहां के स्वादिष्ट व्यंजन अब विश्व मानचित्र पर लखनऊ का प्रतिनिधित्व करेंगी।



























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