2027 की तैयारी: मायावती ने मुस्लिम समाज को साधने के लिए कसी कमर, सभी मंडलों में “मुस्लिम भाईचारा संगठन” का गठन

जनपत की खबर , 160

लखनऊ |
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ी रणनीतिक तैयारी शुरू कर दी है। बसपा सुप्रीमो बहन कुमारी मायावती ने आज प्रदेशभर के मुस्लिम समाज के नेताओं के साथ विशेष बैठक की, जिसमें आगामी चुनावों में मुस्लिम समुदाय की भूमिका और पार्टी के जनाधार को मज़बूत करने पर गहन चर्चा हुई।

बैठक के बाद मायावती ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में “मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन” का गठन किया गया है। यह संगठन दो-सदस्यीय होगा और पूरी तरह मिशनरी कार्यकर्ताओं पर आधारित रहेगा। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे मुस्लिम समाज के बीच जाकर छोटी-छोटी बैठकें करें, समुदाय के लोगों को बी.एस.पी. से जोड़ें और पार्टी की सदस्यता दिलाएं।

मायावती ने कहा कि बी.एस.पी. सदैव जाति व धर्म के आधार पर तोड़े, सताए और उपेक्षित लोगों को भाईचारे के आधार पर जोड़ने के लिए समर्पित रही है। पार्टी का उद्देश्य है कि बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति को जान-माल, मज़हब और रोज़ी-रोटी की सुरक्षा मिले तथा उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि बी.एस.पी. ने अपने शासनकाल में हमेशा कथनी और करनी में एकरूपता रखते हुए बहुजन समाज के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का कार्य किया है। पार्टी का लक्ष्य संविधान के मानवतावादी और कल्याणकारी सिद्धांतों को धरातल पर लागू करना है, ताकि भारत को सही मायनों में “महान राष्ट्र” बनाया जा सके।

मायावती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य पार्टियां बहुजन वर्ग के कुछ लोगों को केवल “पद” (Post) देती हैं, लेकिन उन्हें “पावर” यानी सत्ता की असली शक्ति देने से हमेशा परहेज़ करती हैं। उन्होंने कहा कि सच्चे सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक विकास के लिए जरूरी है कि बहुजनों की अपनी अंबेडकरवादी पार्टी, यानी बी.एस.पी. की सरकार बने।

उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम समाज को अब सपा या कांग्रेस जैसे दलों के बजाय सीधे बी.एस.पी. का समर्थन करना चाहिए, ताकि बीजेपी की “घातक राजनीति” को हराया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों का अनुभव यही बताता है कि मुस्लिम समाज के एकतरफा समर्थन के बावजूद समाजवादी पार्टी बीजेपी को नहीं हरा सकी।

बैठक के दौरान मायावती ने निर्वाचन आयोग द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को की गई घोषणा का भी उल्लेख किया। आयोग ने 12 राज्यों में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू की है, जिसका दूसरा चरण 28 अक्टूबर से प्रारंभ हो गया है। मायावती ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और सुनिश्चित करें कि पार्टी समर्थक हर व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो।

बसपा सुप्रीमो ने अंत में कहा कि यदि बहुजन, मुस्लिम और अन्य वंचित वर्ग एकजुट होकर बी.एस.पी. को समर्थन दें, तो 2027 में प्रदेश में सामाजिक न्याय और भाईचारे पर आधारित सरकार बनना तय है।

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