DM लखनऊ विशाख G ने की महत्वपूर्ण बैठक.

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लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र एवं निजी क्षेत्र में निजी निवेश से स्टेज कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व आल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क (स्थापना एवं विनियमन) नीति 2025 के क्रियान्वयन के दृष्टिगत जिलाधिकारी श्री विशाख जी0 द्वारा कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से समिति की बैठक आहूत की गई। 

      बैठक में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में स्टेज कैरिज बसों हेतु बस स्टेशन मुख्यतः उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा निर्मित है एवं उनके स्वामित्व तथा नियंत्रणाधीन बसों के प्रयोग हेतु उपलब्ध है। निजी स्टेज कैरिज बस एवं कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस हेतु अड्डों अथवा बस पार्क की संख्या लगभग नगण्य है। ऐसे में निजी बसें अधिकांशतः सड़कों पर अथवा खुले सार्वजनिक स्थानों में खड़ी की जाती है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस अड्डों पर बसों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त पार्किंग स्थान उपलब्ध न होने के कारण परिवहन निगम की बसों को भी प्रायः सड़कों पर खड़ा देखा जा सकता। साथ ही केन्द्र सरकार की ऑल इण्डिया टूरिस्ट बसों के लिये निर्धारित वार्षिक शुल्क जमा करा कर सम्पूर्ण भारत में संचालन की व्यवस्था प्रभावी हो जाने के उपरान्त यात्रा के दौरान मार्ग में पड़ने वाले विभिन्न राज्यों के प्रति देय कर को प्रत्येक राज्य हेतु पृथक रूप से जमा कराये जाने की आवश्यकता समाप्त हो गयी है, जिससे टूरिस्ट बस ऑपरेटर के द्वारा अपने व्यवसाय को संचालित करना सरल एवं सुविधाजनक हो गया है। इन नवीन प्रोत्साहनों के फलस्वरूप कुल पंजीकृत ऑल इण्डिया टूरिस्ट बसों की संख्या में भी वृद्धि हुयी है और इसी के साथ इनकी पार्किंग हेतु ऑल इण्डिया टूरिस्ट बस पार्क एवं निजी बस अड्डों की स्थापना की आवश्यकता प्रतीत हो रही है। अन्तर्राष्ट्रीय /अन्तर्राज्यीय पर्यटकों को होटल तक पहुँचाने के उपरान्त बसें प्रायः होटल परिसर के बाहर ही खड़ी हो जाती है, क्योंकि सभी होटलों में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती है।

        जिसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी क्षेत्र में बस स्टेशन का निर्माण / रीमॉडलिंग शासकीय बजट से अथवा पी०पी०पी० मॉडल के आधार पर किया जा रहा है, तथापि प्रदेश की जनसंख्या एवं इसका भौगोलिक विस्तार, वाहनों की बढ़ती संख्या, ब्लाक, तहसील एवं जिला स्तर पर बस स्टेशन/बस पार्किंग स्थल की बढती आवश्यकता के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि निजी निवेश के माध्यम से भी बस अड्डे स्थापित किये जाये।

       निजी क्षेत्र में निजी निवेश से स्टेज कैरिज बस अड्डा की स्थापना हेतु आवेदन आमंत्रण एवं स्थापना संबंधी प्रक्रियात्मक कार्य जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित बस स्टैण्ड/बस पार्क नियामक प्राधिकारी के द्वारा किया जाएगा।

*समिति का विवरण*

जिलाधिकारी (अध्यक्ष)
1 पुलिस आयुक्त द्वारा नामित (सदस्य)
2 नगर आयुक्त/सचिव विकास प्राधिकरण/अधिशासी अधिकारी/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत सचिव (सदस्य सचिव)
3 संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी (सदस्य)
4 संबंधित सर्किल के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सदस्य)
5 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन (सदस्य)
6 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (सदस्य)
7 अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (सदस्य)
8 अध्यक्ष नियामक प्राधिकारी/जिलाधिकारी द्वारा नामित कोई विषय विशेषज्ञ (सदस्य)


बैठक में जिलाधिकारी द्वारा बस स्टैण्ड की स्थापना हेतु अर्हता के मानदण्ड के बारे में भी बताया गया जोकि निम्नवत है:

1 स्टेज कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इण्डिया टूरिस्ट बस पार्क की स्थापना हेतु न्यूनतम 02 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसके स्वामित्व/लीज डीड सम्बन्धी प्रपत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत किये जायेंगे।

2 सम्बन्धित विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा,

3 नगर निगम / नगर पालिका की सीमा से अधिकतम 05 किमी० की दूरी के भीतर स्थापित किया जा सकेगा।

4 आवेदक की नेटवर्थ गत वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 50 लाख होनी चाहिए तथा गत वित्तीय वर्ष का टर्नओवर 02 करोड़ से कम नहीं होना चाहिए।

5 समान प्रकार के व्यवसाय के संचालन एवं प्रबन्धन का न्यूनतम 02 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य होगा।

6 आवश्यक भूमि या तो आवेदक के स्वामित्व में होगा अथवा आवेदक द्वारा भूमि रजिस्टर्ड लीज के आधार पर न्यूनतम 10 वर्ष के लिये ली जायेगी।

7 पार्क पर यात्रियों के पहुँचने के मार्ग पृथक रूप से बनाये जायेंगे जिससे यात्रियों को आवागमन में असुविधा न हो तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

8 भूमि की कुल क्षेत्रफल का 70 प्रतिशत भाग खुला स्थान होगा जिसमें बसों के पार्किंग एवं आवागमन के मार्ग होंगे। 30 प्रतिशत भाग में यात्री सुविधा एवं अन्य अवस्थापना संबंधी निम्न व्यवस्थायें 24 X 7 आधार पर उपलब्ध करायी जायेंगी ।
(i) यात्रियों के बैठने की सुविधा ।
(ii) पुरूषों, महिलाओं एवं दिव्यांगजन हेतु पृथक-पृथक शौचालय एवं यूरिनल ।
(iii) शुद्ध पेयजल की व्यवस्था ।
(iv) भोजन / जलपान हेतु कैन्टीन की व्यवस्था ।
(v) यात्रियों को जानकारी प्रदान करने हेतु पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था ।
(vi) अग्निशमन नियंत्रण के उपाय ।
(vii) सम्पूर्ण परिसर में सी०सी०टी०वी० कैमरों की व्यवस्था ।
(viii) पर्याप्त क्षमता के जनरेटर की व्यवस्था ।
(ix) पूछताछ एवं बुकिंग काउन्टर की व्यवस्था ।
(x) पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था ।
(xi) पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं साफ-सफाई की व्यवस्था ।
(xii) अन्य जनोपयोगी सुविधायें, जैसा कि नियामक प्राधिकारी द्वारा निर्धारित किया जाय ।

     नीति के अनुसार सड़को पर खड़ी होने वाली बसों के लिए प्राइवेट बस अड्डे बनाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा मास्टर प्लान में चिन्हित बस टर्मिनल की भूमि और नगर निगम की भूमि का भी प्रयोग किया जा सकता है। सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि उनके मास्टर प्लान में 165 एकड़ प्राइवेट भूमि बस अड्डे के रूप में चिन्हित की गई है। जिसके सम्बन्ध ने जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि प्राधिकरण द्वारा चिन्हित एवं आरक्षित 165 एकड़ भूमि की जांच संबंधित तहसील से कराई जाए एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण में समस्त स्टेक होल्डर्स की बैठक आहूत की जाए। जिसके उपरांत समिति की बैठक इच्छुक डेवलपर के साथ 20 जून तक आयोजित की जाए। उक्त के साथ ही निर्देश दिए गए की नगर निगम/समस्त उप जिलाधिकारी ऐसी भूमि चिन्हित करे जो कि बस अड्डे के रूप में विकसित की जा सके। 

उक्त बैठक में सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण, अपर नगर आयुक्त, एसपी ट्रैफिक, ए आर टी ओ, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त आर एम रोडवेज, पुलिस प्रशासन अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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