इकाना स्टेडियम के समीप सेना को समर्पित शौर्य संग्राहलय के स्थापना का कार्य प्रगति पर
जनपत की खबर May 01, 2025 at 05:07 PM , 151संग्रहालय में नौसेना युद्धपोतों, पनडुब्बियों, मिसाइल तारपीडो जैसे सामानों को किया जायेगा प्रदर्शित
युवा पीढ़ी को सेना के शौर्य, पराक्रम एवं इतिहास से मिलेगी प्रेरणा
-जयवीर सिंह
लखनऊ : 01 मई, 2025
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इकाना स्टेडियम के नजदीक भारतीय नौसेना के पराक्रम और गौरव को समर्पित एक भव्य ’शौर्य संग्रहालय’ की स्थापना की जा रही है। इस संग्रहालय का उद्देश्य भारतीय नौसेना के साहस, ऐतिहासिक उपलब्धियों और वीरगाथा को आम जनता विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना है।
यह जानकारी उप्र. के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। पर्यटन मंत्री ने बताया कि ’लखनऊ में धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की एक लम्बी श्रृंखला है। इकाना स्टेडियम के नजदीक बनाया जा रहा नौसेना का यह संग्रहालय इसी कड़ी का महत्वपूर्ण गन्तव्य स्थल होगा। संग्रहालय में मल्टीमीडिया डिस्प्ले, विवरण एवं घटना की जानकारी कहानियों के माध्यम से पर्यटकों को बताया जाएगा। इस संग्रहालय में नौसेना से रिटायर्ड युद्धपोत, आईएनएस गोमती में स्थापित समस्त उपकरणों के अलावा नौसेना के सी-किंग हेलीकॉप्टर, सी-हैरियर वायुयान को भी प्रदर्शित किया जायेगा। आगंतुक नौसेना के शौर्य और उसके इतिहास को करीब से देख-समझ सकेंगे।
श्री जयवीर सिंह ने बताया कि नौसेना शौर्य संग्रहालय में रिटायर्ड युद्धपोत, उससे संबंधित उपकरण जैसे- मिसाइल, टारपीडो, कैनन तथा अन्य सामानों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह संग्रहालय नौसेना से संबंधित देश का पहला संग्रहालय होगा, जहां युद्ध पोतों एवं जलयानों का संग्रह होगा। इसके अलावा नौसेना से जुड़े अन्य उपकरणों को भी प्रदर्शित किया जायेगा। नौसेना के क्षेत्र में शोध में यह प्रयास कारगर सिद्ध होगा। इस पहल के तहत छात्रों, शोधकर्ताओं और इतिहासकारों को नौसेना इतिहास से जुड़ी दुर्लभ सामग्रियों और दस्तावेजों तक पहुंच प्रदान की जाएगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और भारतीय नौसेना के संयुक्त प्रयास से बनने वाला यह संग्रहालय आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगा। यहां आगंतुकों को नौसेना के शौर्य अभियानों, युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसैनिक जीवन की झलकियां देखने को मिलेंगी। इसके लिए वर्चुअल रियलिटी (वीआर) और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) का उपयोग होगा। ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से भी दर्शकों को नौसेना की गौरव गाथा का भी अनुभव कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञों द्वारा नियमित कार्यशालाओं और व्याख्यानों का आयोजन भी किया जाएगा। इन सत्रों के माध्यम से नौसेना के विकास, रणनीतियों और ऐतिहासिक घटनाओं पर गहन चर्चा की जाएगी।नौसैनिक अभियानों के पर्यावरणीय प्रभाव को भी दर्शाया जाएगा। नौसेना शौर्य संग्रहालय में विषयगत क्षेत्र होंगे। प्रत्येक जोन एक विशेष युग या नौसैनिक युद्ध के प्रकार को समर्पित होगा।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि नौसेना संग्रहालय में बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर इंटरएक्टिव इंस्टॉलेशन लगाए जा रहे हैं। इन इंस्टॉलेशनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खेल और अन्वेषण के जरिए सीखने और जुड़ने का अवसर प्रदान करना है। अभिभावकों के साथ आए बच्चों के लिए यह पहल संवाद और समझ को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा। सैनिकों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करता हुआ एक विशेष ’स्मृति उद्यान’ भी विकसित किया जा रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस उद्यान को शांत और सार्थक स्मरण स्थल के रूप में तैयार किया गया है, जहां आगंतुक देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को सम्मान पूर्वक याद कर सकें।































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