अखिलेश यादव अगर अपने पूर्वजों से ही सीख लेते तो आज गाय माता के लिए उनके ऐसे विचार नहीं होते: भूपेंद्र चौधरी

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सपा प्रमुख के गौशालाओं पर दिये बयान को भारतीय सांस्कृतिक आस्था व परम्परा पर कुठाराघात बताया

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने सपा प्रमुख के गौशालाओं पर दिये बयान को भारतीय सांस्कृतिक आस्था व परम्परा पर कुठाराघात बताया। श्री चौधरी ने कहा कि भारतीय दर्शन की आत्मा में ‘‘सवै भूमि गोपाल की‘‘ निहित है। जो दर्शन समस्त पृथ्वी को ही गोपालक प्रभु की भूमि मानता है। लेकिन इस दर्शन को जानने के लिए भारतीय दृष्टि होना आवश्यक है। गौशालाओं की दुर्गंध से व्याख्या करने वाले अखिलेश यादव अगर अपने पूर्वजों से ही सीख लेते तो आज गाय माता के लिए उनके ऐसे विचार नहीं होते।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि भारत में तमाम विपक्षी दलों के नेताओं में होड़ लगी है कि वह मुस्लिम तुष्टिकरण में अगुआ कैसे बनें। इसके लिए सभी ने सनातन धर्म, भारतीय महानायकों, भारतीय आस्था एवं परम्पराओं को अपमानित करने का रास्ता चुना है। इसी कड़ी में अखिलेश यादव ने गौशालाओं में दुर्गन्ध का बयान दिया है।
श्री चौधरी ने कहा कि गोपालक वंश में जन्में अखिलेश यादव को अगर थोडा सा भी बोध होता तो जिस गाय माता का दूध पीकर वे बडे़ हुए है उस गाय माता के लिए मुंह से जहर नहीं उगलते। उनका यह बयान धर्म, संस्कृति के साथ करोड़ों हिन्दुओं की आस्था तथा गाय माता पर सीधा हमला है। करोड़ों ग्वालों, गोपालक समाज का अनादर और अपमान है। हिन्दुत्व विरोध के ब्राण्ड एम्बेसडर अखिलेश यादव को धर्मानुरागी जनता जबाब देगी।

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