गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना करके न केवल श्रीराम के जीवन को अद्वितीय ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि एक ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर की रचना की है,

जनपत की खबर , 207

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी ने आज यहां कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना करके न केवल श्रीराम के जीवन को अद्वितीय ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि एक ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर की रचना की है, जो सदियों से लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। 
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष मा0 श्री सतीश महाना जी ने आज विधानभवन प्रेक्षागृह में राज्य विधानमंडल पेंशनर्स संस्थान, लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित ‘तुलसी जयन्ती समारोह’ में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए कहा कि रामचरितमानस हमारी जीवन शैली का मुख्य आधार है। गोस्वामी तुलसीदास जी का जीवन और उनके द्वारा की गई रचनाओं का भारतीय संस्कृति और धर्म में अतुलनीय योगदान हैं। 
श्री महाना ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस को अवधी भाषा में लिखा, जिससे यह ग्रंथ आम जनता तक पहुँच पाया। उनकी काव्यशैली सरल, भावपूर्ण और प्रभावशाली है, जिससे हर व्यक्ति इसमें श्रीराम के आदर्शों को आसानी से समझ सकता है और उन्हें अपने जीवन में आत्मसात कर सकता है। 
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तुलसीदास जी का योगदान सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाज को एकता, प्रेम, और भक्ति के सूत्र में पिरोने का प्रयास किया, और उनकी रचनाएँ आज भी इन मूल्यों को बढ़ावा देती हैं। 
श्री महाना ने कहा कि राम केवल एक देवता नहीं हैं, बल्कि हमारे जीवन, विचार, और आस्था का प्रतीक हैं। उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना और उन पर चलना ही सच्चे अर्थों में संस्कृति की रक्षा है। इसके लिए समाज के अच्छे लोगों को आगे आकर इस महान कार्य में अपना योगदान देना होगा, ताकि हमारी संस्कृति पर किसी भी तरह का आघात न हो सके। हमारी संस्कृति और धरोहर को संजोकर रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है, और इसके लिए प्रयास करना सबसे महत्वपूर्ण है। जब हम सभी मिलकर इस दिशा में प्रयास करेंगे, तब ही हम अपनी धरोहर को संजोकर रख पाएंगे। हम कितना कर पाएंगे ये इतना आवश्यक नही है बल्कि इसके लिए कितना प्रयास कर पाएंगे। यह अति आवश्यक है। यह बात हमें एक जुगुनू से सीखना चाहिए जो प्रकाश देने का काम करता है। उसे पता है कि उसके प्रकाश से पूरा उजाला नही हो पाएगा, पर उसका  प्रयास चलता रहता है।
श्री महाना ने कहा कि तुलसी दास जी के बारे में कितना भी कहा जाए, वो कम है। अगर रामचरित मानस की एक चौपाई को भी अपने जीवन में उतार लिया जाए तो हमारा जीवन सरल हो जाए। मानस की एक-एक चौपाई हम सबके जीवन का आधार है। रामचरित मानस से जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। मानस के भाव को समझने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। श्री महाना ने कहा कि राम हमारे प्राण है, आस्था है, विचार है। उनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। 
कार्यक्रम में विधानसभा सदस्य मा0  श्री राकेश प्रताप सिंह भी उपस्थिति थें। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस की हर चौपाई हमें जीवन जीने की प्रेरणा देती है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक अनपढ़ तक को राम के साथ जोड़ने का काम किया है। उन्होंने हमारे मन को और कर्म को जगाने का काम किया। 
कार्यक्रम में अति विशिष्ठ अतिथि के रूप में प्रमुख सचिव विधानपरिषद डा राजेश सिंह, प्रमुख सचिव विधानसभा श्री प्रदीप दुबे जी भी उपस्थिति रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य विधानमंडल पेंशनर्स संस्थान के अध्यक्ष सीपी शर्मा ने की। इस मौके पर अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थिति थें।

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