उत्तर प्रदेश में जीसीसी निवेश को बढ़ावा, भूमि खरीद पर सब्सिडी नीति लागू

लखनऊ , 94

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) इकाइयों के निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई भूमि सब्सिडी नीति लागू की है। इसके तहत पात्र इकाइयों को भूमि खरीद पर फ्रंट-एंड सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह व्यवस्था हाल ही में कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई नई एसओपी में शामिल की गई है। नीति के तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग दर पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड में निवेश को विशेष प्रोत्साहन
नई नीति के अनुसार गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में स्थापित होने वाली पात्र जीसीसी इकाइयों को 30 प्रतिशत भूमि सब्सिडी मिलेगी। पश्चिमांचल (गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर) और मध्यांचल क्षेत्र में यह सब्सिडी 40 प्रतिशत है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में निवेश को विशेष प्रोत्साहन देने के लिए भूमि सब्सिडी की दर 50 प्रतिशत तक तय की गई है। इससे इन क्षेत्रों में नए निवेश और रोजगार के अवसरों में तेजी आने की उम्मीद है।
सरकारी भूमि पर इकाई की स्थापना को प्राथमिकता
भूमि सब्सिडी केवल उन्हीं इकाइयों को दी जाएगी जो राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विकास प्राधिकरण, शहरी निकाय या किसी अन्य सरकारी एजेंसी से भूमि प्राप्त करेंगी। नीति का उद्देश्य सरकारी भूमि के माध्यम से औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। किराये के परिसर या को-वर्किंग स्पेस में संचालित इकाइयों को भूमि सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
निर्धारित समय सीमा में परियोजना पूरी करना अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडी प्राप्त करने वाली इकाई को परियोजना तय समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। भूमि निर्धारित अवधि तक या वाणिज्यिक संचालन शुरू होने तक संबंधित सरकारी निकाय के पक्ष में मॉर्टगेज रहेगी। समयसीमा में परियोजना पूरी नहीं होने पर सब्सिडी राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस वसूल की जा सकती है। सब्सिडी का व्यय औद्योगिक विकास विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
जीसीसी इकाइयों की स्थापना में आएगी तेजी
सरकार का मानना है कि इस प्रोत्साहन नीति से प्रदेश में जीसीसी इकाइयों की स्थापना तेज होगी, आईटी और सेवा आधारित उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नीति में क्षेत्रवार सब्सिडी दरों को तय कर पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

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