पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से वार्ता विफल, आउटसोर्स कर्मचारी 12 जनवरी को ऊर्जा मंत्री से मिलेंगे

लखनऊ , 100

लखनऊ।
एमडी पावर कॉरपोरेशन पंकज कुमार की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ, लखनऊ और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के बीच द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा की गई।
प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन के 15 मई 2025 के आदेश का अनुपालन करते हुए छंटनी में हटाए गए लगभग 15,000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को पुनः कार्य पर लिए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर हटाए गए कर्मचारियों को भी पुनः बहाल करने की मांग की गई।
उन्होंने बताया कि संगठन ने 18 सितंबर 2025 के आदेश के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों का कार्य के अनुरूप अनुबंध किए जाने, न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये निर्धारित करने, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को पुनः कार्य पर रखने, दुर्घटना में घायल कर्मचारियों के कैशलेस इलाज की व्यवस्था करने तथा उपचार पर व्यय की गई धनराशि का भुगतान संविदाकारों के बिल से कराए जाने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में कर्मचारियों को कार्य से न हटाने की भी मांग रखी गई।
प्रदेश महामंत्री ने बताया कि इन मांगों पर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के साथ पूर्ण सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते संगठन ने वार्ता को विफल घोषित कर दिया।
उन्होंने आगे बताया कि संगठन द्वारा निर्णय लिया गया है कि 12 जनवरी 2026 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लखनऊ पहुंचे बिजली आउटसोर्स कर्मचारी ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात कर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराएंगे।

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