अनुदान पर सोलर पंप प्राप्त करने के लिए 15 दिसंबर तक करें आवेदन

लखनऊ , 30

पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत अन्नदाताओं को अनुदान पर 40521 सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे

किसानों की समृद्धि में सहायक केंद्रांश व राज्यांश का बड़ा अनुदान


लखनऊ- 12 दिसंबर 2025 

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाभियान' (पीएम कुसुम) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अन्नदाता किसानों को अनुदान पर 40521 सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान 15 दिसंबर 2025 तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। केवल उन्हीं किसानों को अनुदान पर सोलर पंप प्राप्त होगा जो इस वेबसाइट पर पहले से पंजीकृत हैं। किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 20227.50 लाख (दो अरब दो करोड़ सत्ताइस लाख पचास हजार) रुपये की धनराशि भी स्वीकृत कर दी है, जो किसानों की समृद्धि में सहायक होगी।
किसानों को 9 प्रकार के सोलर पंपों पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की ओर से अनुदान के रूप में बड़ी छूट दी जा रही है। 2 एचपी डीसी/एसी सरफेस पंप पर कुल ₹98,593-₹98,593 का अनुदान दिया जाएगा। 2 एचपी डीसी सबमर्सिबल पंप पर ₹1,00,215, और 2 एचपी एसी सबमर्सिबल पंप पर ₹99,947 का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल पंप पर ₹1,33,621 और 3 एचपी एसी सबमर्सिबल पंप पर ₹1,32,314 का अनुदान मिलेगा, जिसमें राज्य सरकार का अंश ₹77,618 और केंद्र सरकार का अंश ₹54,696 होगा। 5 एचपी एसी सबमर्सिबल पंप पर ₹1,88,038 का अनुदान किसानों को प्राप्त होगा। 7.5 एचपी एसी और 10 एचपी एसी सबमर्सिबल पंपों पर सर्वाधिक ₹2,54,983 का अनुदान मिलेगा, जिसमें राज्य सरकार द्वारा ₹1,40,780 और केंद्र सरकार द्वारा ₹1,14,203 का अनुदान शामिल है।
किसानों को अनुदान पर सोलर पंप की ऑनलाइन बुकिंग www.agriculture.up.gov.in पर जाकर 'अनुदान हेतु सोलर पंप की बुकिंग करें' लिंक के माध्यम से करनी होगी। ऑनलाइन बुकिंग कन्फर्म होने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना मिलेगी, जिसके बाद किसानों को अनुदान के बाद बची हुई अवशेष धनराशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। टोकन मनी के रूप में किसानों को केवल ₹5,000 की राशि जमा करनी होगी। कृषि विभाग के अनुसार, 2 एचपी के लिए 4 इंच, 3 व 5 एचपी के लिए 6 इंच, और 7.5 एचपी व 10 एचपी के लिए 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य है, जो स्वयं किसान की होनी चाहिए। सत्यापन के समय बोरिंग न पाए जाने पर टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी और आवेदन निरस्त माना जा सकता है।

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