माह-ए-रमजान के दूसरा अशरा खत्म जामा मस्जिद में कुरान तरावीह भी मुकम्मल

लखीमपुर खीरी , 146

सिंगाही खीरी।  माह-ए-रमजान के दूसरा अशरा खत्म हो रहा है। इस अशरे में कस्बे की जामा मस्जिद में कुरान तरावीह भी मुकम्मल हुई। रमजान माह के चांद रात से शुरू हुई कुरान तरावीह शुक्रवार की रात हाफिज मोहम्मद महमूद साहब ने मुकम्मल किया। झाले की खदीजा मस्जिद में हाफिज बिलाल ने मुकम्मल कराई। इस दौरान रमजान के आखरी अशरे की फजीलत बयान की गई। साथ ही देश में अमन-चेन  की दुआएं की गई। 22 दिनों तक पूरी मस्जिद कुरआन के आयतों की तिलावत से गूंज उठी। इससे माहौल इबादत और रूहानियत से भर गया। मौके पर मस्जिद के इमाम साहब ने भाईचारा कायम रखने और सादगी भरा जीवन जीने का संदेश दिया। हाफिज मो0 महमूद ने इर्द से पहले ज़कात व फितरा अदा करने की फजीलत बयान की वहीँ हाफिज बिलाल साहब ने कहा कि रमजान का महीना काफी खास है। इस महीने में नेकियां बरसती है। इस महीने में अधिक से अधिक इबादत, कुरान की तिलावत और तरावीह की नमाज अदा करनी चाहिए। साथ ही मगफिरत की दुआ करनी चाहिए। दुआ के बाद अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों ने हाफिज साहब को तोहफे देकर और लोगों को मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। इस दौरान सिकरेट्री ज़ैनुल खां, तजम्मुल खान, जामा मस्जिद के इमाम मौलान शोएब, अफजल हुसैन, मसूद खां मंजूर खां, खालिद गौरी, एजाज गौरी सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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