*संत शिरोमणि गुरू रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में समरसता संकल्प सभा का आयोजन*
राजस्थान Aug 05, 2026 at 05:55 PM , 33*मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशस्तरीय समरसता संकल्प अभियान का किया शुभारंभ*
*एसएमएस इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में रज कलशों का किया वितरण*
*कलश वंदन यात्रा रथों को किया रवाना और संतों से आत्मीय भेंट कर लिया आशीर्वाद*
*मुख्यमंत्री ने कहा - संत रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का मार्ग दिखाया*
*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने संत रविदास समरसता संकल्प जैसा ऐतिहासिक अभियान प्रारंभ किया*
जयपुर, 05 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को एसएमएस इंडोर स्टेडियम में समरसता संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समरसता संकल्प अभियान भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का महापर्व है। हम सभी को संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी से आई पवित्र रज के कलश का वंदन करने का सौभाग्य मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने संत रविदास समरसता संकल्प अभियान जैसा ऐतिहासिक अभियान प्रारम्भ किया है। यह अभियान संत रविदास जी के समरसता, सेवा, सामाजिक न्याय और राष्ट्र निर्माण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर काशी से प्रारम्भ हुई यह यात्रा आज राजस्थान की पावन धरा से पूरे प्रदेश में सामाजिक समरसता का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। इस प्रदेश स्तरीय शुभारंभ के साथ पवित्र रज कलश राजस्थान के सभी 1138 मंडलों और गांवों में पहुंचेंगे। वहां संत रविदास जी के समरसता, समानता, सामाजिक सद्भाव और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने सदियों पहले समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति जात-पात से ऊपर उठकर राष्ट्र-प्रथम की भावना में है। हमारी संस्कृति किसी को बांटने की नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने की है। संत रविदास जी ने बेगमपुरा का विचार दिया था। उन्होंने एक ऐसे आदर्श समाज की कल्पना की थी जिसमें किसी प्रकार का दुख, भेदभाव और शोषण नहीं हो। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी कहा है कि संत रविदास जी का संपूर्ण जीवन जातिगत भेदभाव को समाप्त करने और समाज को जोड़ने के लिए समर्पित रहा। प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट विश्वास है कि संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर ही सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का संकल्प साकार हो सकता है। यही भावना हमारी सरकार की कार्यशैली का आधार भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का संत रविदास जी से अत्यंत आत्मीय संबंध रहा। संत शिरोमणि मीराबाई जी ने संत रविदास जी को अपना गुरु स्वीकार किया था। मीराबाई ने समाज की रूढ़ियों से ऊपर उठकर संत रविदास जी से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। यह घटना केवल गुरु-शिष्य परंपरा का उदाहरण नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता की सबसे बड़ी मिसाल है। उन्होंने कहा कि आज भी चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग में स्थित मीराबाई मंदिर के सामने संत रविदास जी के चरणचिह्न हमें यह स्मरण कराते हैं कि आध्यात्मिकता किसी जाति, वर्ग या पद की मोहताज नहीं होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भाजपा की सरकार ने चित्तौड़गढ़ में संत रैदास जी को समर्पित पैनोरमा का निर्माण कर उनकी महान विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया है। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत लगभग सभी चिन्हित आदि सेवा केंद्रों का उद्घाटन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सौंध माटी धरोहर प्रलेखन योजना प्रारंभ की गई है। यह सभी प्रयास केवल योजनाएं नहीं हैं। यह सामाजिक न्याय, सम्मान और अंत्योदय के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने जिस आदर्श समाज की कल्पना की थी, उसका वर्णन उन्होंने ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम रहें, रविदास रहे प्रसन्न जैसी अमर पंक्तियों में किया। यही सुशासन की परिकल्पना है तथा विकसित भारत की आत्मा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र इसी भावना को साकार कर रहा है। राजस्थान सरकार भी इसी विचार के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़े और प्रत्येक गरीब, वंचित, किसान, युवा, महिला और श्रमिक तक विकास का लाभ पहुंचे, इस लक्ष्य के साथ हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में आज से 31 अगस्त तक संत संपर्क अभियान चलेगा जिसमें प्रदेशभर में संतों, महंतों और गुरुओं से संपर्क कर उनका सम्मान किया जाएगा। इसके बाद गुरु रविदास समरसता यात्रा तथा छात्रावास संपर्क अभियान के माध्यम से युवाओं तक संत रविदास जी के विचार पहुंचाए जाएंगे तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प पर संवाद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान के सभी कार्यकर्ताओं और प्रदेशवासियों से संत रविदास जी के विचारों को अपने जीवन में उतारने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर समाज में समरसता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करें तथा जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर विकसित राजस्थान और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
समरसता संकल्प सभा में राष्ट्रीय संयोजक समरसता संकल्प यात्रा श्री लालसिंह आर्य, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, श्रीमती दिया कुमारी, संगठन महामंत्री श्री अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री श्री भूपेन्द्र सैनी, श्री कैलाश मेघवाल, एससी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्री निहालचंद मेघवाल, श्री सीताराम पोसवाल, श्रीमती अनिता भदेल, श्रीमती चन्द्रकांता मेघवाल सहित मंत्रिगण, सांसद, विधायक, भाजपा के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में संत, महंत एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।






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