PMGSY सड़क घोटाले में बड़ी कार्रवाई: ACB ने तीन पूर्व अधिशाषी अभियंता और ठेकेदार को किया गिरफ्तार, करोड़ों के भ्रष्टाचार का खुलासा

राजस्थान , 50

जयपुर/प्रतापगढ़। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित सड़कों में कथित भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के तीन तत्कालीन अधिशाषी अभियंताओं और एक ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत, प्रतापगढ़ में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी कोटा इकाई ने वर्ष 2013 में दर्ज प्रकरण संख्या 503/2013 में लंबी जांच के बाद यह कार्रवाई की। मामले की निगरानी एसीबी रेंज कोटा के प्रभारी एवं उप महानिरीक्षक पुलिस ओम प्रकाश मीणा द्वारा की गई।
एसीबी के अनुसार प्रतापगढ़ जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत लेवापाड़ा, हीरापाड़ा और जापाकॉलोनी संपर्क सड़कों के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, सड़कें निर्माण के दौरान ही टूटने लगीं, अधूरे कार्यों को पूर्ण दर्शाकर भुगतान उठा लिया गया तथा कुछ कार्य बिना निर्माण के ही भुगतान कर दिए गए।
मामले में 19 जुलाई 2013 को एसीबी चौकी प्रतापगढ़ द्वारा आकस्मिक जांच की गई थी, जिसके बाद 18 नवंबर 2013 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया। विस्तृत अनुसंधान के दौरान तत्कालीन अधिशाषी अभियंता सायरमल मीणा, एन.एल. परमार, गिरधारीलाल वर्मा तथा संवेदक विनोद कोडिया की मिलीभगत से राज्य सरकार को 11 लाख 78 हजार 752 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाना प्रमाणित पाया गया।
जांच अधिकारी विजय स्वर्णकार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी कोटा द्वारा की गई जांच में यह भी सामने आया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद एसीबी मुख्यालय ने आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने का निर्णय लिया और राज्य सरकार से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन अधिशाषी अभियंता सायरमल मीणा (सीकर), एन.एल. परमार (बांसवाड़ा), गिरधारीलाल वर्मा (चित्तौड़गढ़) तथा जयपुर स्थित मेसर्स जय बाबा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर विनोद कोडिया शामिल हैं।
एसीबी ने चारों आरोपियों को 18 मई 2026 को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को उन्हें विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय, प्रतापगढ़ में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।

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