हजारो करोडों के भ्रष्टाचार मामले में महेश जोशी तत्कालीन मंत्री, पीएचईडी विभाग राजस्थान को गिरफ्तार किया गया।
राजस्थान May 07, 2026 at 05:35 PM , 31ए.सी.बी द्वारा गठित एसआईटी द्वारा आज जल जीवन मिशन में हुए हजारो करोडों के भ्रष्टाचार मामले में महेश जोशी तत्कालीन मंत्री, पीएचईडी विभाग राजस्थान को गिरफ्तार किया गया।
जयपुर, 07 मई, 2026 । जल जीवन मिशन में हुए व्यापक भ्रष्टाचार के संबंध में एसीबी ब्यूरो में दर्ज प्रकरण संख्या 245/2024 में आरोपी महेश जोशी तत्कालीन मंत्री, पीएचईडी विभाग राजस्थान को आज जयपुर स्थित आवास से हिरासत में लिया जाकर गिरफ्तार किया गया एवं अग्रिम अनुसंधान जारी है।
प्रकरण संख्या 245/2024 के अनुसंधान से फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कम्पनी प्रोपराईटर महेश मित्तल व फर्म मैसर्स श्री श्याम ट्यूबैवल कम्पनी प्रोपराईटर पदमचन्द जैन द्वारा इरकॉन इन्टरनेशनल लिमिटेड के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के महेश जोशी तत्कालीन मंत्री, पीएचईडी विभाग राजस्थान द्वारा सुबोध अग्रवाल तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी एंव आरोपीगण मुख्य अभियन्ता/अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, संवेदको, प्राईवेट व्यक्ति संजय बडाया व अन्य के साथ मिलीभगत कर राजस्थान राज्य में उपरोक्त दोनों फर्मों के नाम जारी विभिन्न टेण्डरों में इरकॉन इन्टरनेशनल लि. के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र लगाकर करीब 960 करोड़ रूपये के टेण्डर प्राप्त कर करोड़ों रूपयों का भ्रष्टाचार करना प्रकट हुआ।
अनुसंधान से यह भी प्रकट हुआ कि महेश जोशी तत्कालीन मंत्री, पीएचईडी विभाग राजस्थान द्वारा सुबोध अग्रवाल तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी एव आरोपीगण मुख्य अभियन्ता/अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, संवेदको, प्राईवेट व्यक्ति संजय बड़ाया व अन्य के साथ मिलीभगत कर आपराधिक मंशा से मेजर प्रोजेक्टस (50 करोड़ रूपये से उपर)की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण-पत्र की बाध्यता को नियमों के विरूद्ध निविदा में शामिल कर बोली दाताओं की पहचान को उजागर कर टेण्डर पुलिंग करने के फलस्वरूप 30 से 40 प्रतिशित तक अप्रत्याशित उंचे टेण्डर प्रीमियम प्राप्त हुए, जिनका पीएचईडी के अधिकारियो द्वारा अनुमोदन कर व्यापक स्तर पर पद का दुरूपयोग कर भ्रष्टाचार करना प्रमाणित पाया गया है, हन टेंडर की कुल राशि लगभग 20 हजार करोड़ रूपये है।
प्रकरण में 11 आरोपीगण सुबोध अग्रवाल (सेवानिवृत्त आईएएस), दिनेश गोयल हाल मुख्य अभियन्ता प्रशासन, के. डी. गुप्ता हाल मुख्य अभियन्ता ग्रामीण, सुभांशु दीक्षित, तत्कालीन सचिव आरडब्लयूएसएसएमची हाल अति. मुख्य अभियन्ता, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय, सुशील शर्मा हाल वित्तीय सलाहकार अक्षय उर्जा, निरिल कुमार हाल मुख्य अभियन्ता चुरू, विशाल सक्सेना अधिशाषी अभियन्ता हाल निलम्बित, अरूण श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता हाल सेवानिवृत, डी. के. गौड तत्कालीन मुख्य अभियन्ता व तकनीकी सदस्य हाल सेवानिवृत, महेन्द्र प्रकाश सोनी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता हाल सेवानिवृत्त एवं मुकेश पाठक (प्राईवेट व्यक्ति) को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।
प्रकरण में तीन फरार आरोपीगण मुकेश गोयल तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, जितेन्द्र शर्मा तत्कालीन अधिशाषी अभियंता एव संजीव गुप्ता प्राईवेट व्यक्ति के खिलाफ माननीय न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी हेतु स्थायी वारण्ट जारी किये है तथा उक्त तीनों आरोपीगणों को उद्घोषित अपराधी घोषित करवाये जाने आदि की कार्यवाही की जा रही है।
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण में पांच अन्य आरोपीगण को गिरफ्तारी से राहत प्रदान की गई है।
एसीबी द्वारा अभियुक्त महेश जोशी को आज माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ माननीय न्यायालय ने दिनांक 11 मई 2026 तक एसीबी रिमांड स्वीकृत किया है।
प्रकरण में त्वरित प्रभावी अनुसंधान हेतु उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में गठित एसआईटी के सदस्य श्री हिमांशु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री महावीर प्रसाद शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं श्री भूपेन्द्र अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण में तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का गहनता से विश्लेषण किया गया।
अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में गठित एसआईटी द्वारा आरोपी से विस्तृत पूछताछ, साक्ष्य संकलन एवं अग्रिम अनुसंधान जारी है।






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