न्याय व्यवस्था में सुधार पर जोर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मध्यस्थता और लोक अदालत को बताया प्रभावी विकल्प

राजस्थान , 30

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। यह सम्मेलन एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने समय-समय पर ऐसे ऐतिहासिक फैसले दिए हैं, जिन्होंने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि न्यायालय में वाद दायर करने से पहले एक बार मध्यस्थता केंद्र या लोक अदालत का सहारा अवश्य लें, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो सके।
इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट के नवाचार ‘यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम’ का शुभारंभ किया गया, जिसे न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों द्वारा लिखित लेखों के संकलन पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शर्मा, राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज के पदाधिकारी, न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में विधि के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
यह सम्मेलन न्यायिक सुधार, वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली और विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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