राजस्थान में निवेश के नए द्वार खुले: CM भजनलाल शर्मा ने उद्योगों को बताया आर्थिक समृद्धि का आधार, तीन नई नीतियां लॉन्च
राजस्थान Mar 18, 2026 at 05:40 PM , 108जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उद्योग और निवेश आर्थिक समृद्धि के सबसे बड़े आधार हैं और उद्यमी न केवल अपने व्यवसाय का विस्तार कर रहे हैं, बल्कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से राज्य में निवेश बढ़ाने और नए उद्योग स्थापित कर “विकसित भारत–विकसित राजस्थान” के संकल्प को साकार करने में भागीदारी निभाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
वे बुधवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित “उद्यमी संवाद” समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 30 मार्च 1949 को सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से वृहद राजस्थान की स्थापना हुई थी, इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष 19 मार्च को यह दिवस पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रहा है। राज्य सरकार भी इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है।
औद्योगिक विकास को नई रफ्तार
शर्मा ने कहा कि सरकार के दूरदर्शी निर्णयों से प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। “राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। होंडा द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के लिए किया गया निवेश प्रस्ताव प्रदेश में बढ़ते वैश्विक विश्वास का संकेत है।
बीकानेर, पाली, किशनगढ़ और जोधपुर सहित कई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित किए गए हैं, जबकि अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और अजमेर में नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर निवेश के लिए खोले गए हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास लॉजिस्टिक पार्क भी विकसित किए गए हैं।
सिंगल विंडो से निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘रिप्स 2024’ के तहत निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है और भूमि उपयोग परिवर्तन की समय-सीमा 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। राजनिवेश पोर्टल को राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़कर 14 विभागों की 143 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं।
राज्य कौशल नीति और युवा नीति के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, जिससे निजी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
बजट में उद्योगों के लिए बड़े प्रावधान
बजट 2026-27 में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। निवेशकों के लिए डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी लागू की गई है और सभी संभागीय मुख्यालयों पर “प्लग एंड प्ले” सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये की लागत से 3600 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी। साथ ही प्रवासी राजस्थानियों के लिए डोमेस्टिक और ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स विभाग का गठन किया गया है।
नई नीतियों से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने तीन नई नीतियों—राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी, राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी और राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी—का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि ये नीतियां प्रदेश को औद्योगिक, रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगी।
रिकॉर्ड उपलब्धियां
सरकार के दो वर्षों में 31 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए गए, जो पिछली सरकार की तुलना में लगभग दोगुना है। इसी अवधि में 2,453 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए और 2,007 करोड़ रुपये औद्योगिक विकास पर खर्च किए गए।
साथ ही, 11.61 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित किए गए, जो पिछले कार्यकाल की तुलना में करीब पांच गुना अधिक हैं।
कार्यक्रम में हुए लोकार्पण व वितरण
कार्यक्रम में 119 करोड़ रुपये के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण और 226 करोड़ रुपये के 46 कार्यों का शिलान्यास किया गया। विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और चेक वितरित किए गए।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।







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