साइबर ठगी से बचने के लिए राजस्थान पुलिस का अलर्ट: व्हाट्सएप और मोबाइल सुरक्षा को लेकर दो अहम एडवाइजरी जारी

राजस्थान , 20

जयपुर/ मुंबई : साइबर ठगी, अकाउंट हैकिंग और व्यक्तिगत डेटा चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा (R4C) ने आम नागरिकों के लिए दो महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की हैं। एडवाइजरी संख्या 64/2026 और 66/2026 के जरिए व्हाट्सएप अकाउंट की सुरक्षा और दैनिक मोबाइल साइबर हाइजीन को लेकर कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी अब सोशल मीडिया और पर्सनल मैसेजिंग ऐप्स पर नियंत्रण कर वित्तीय धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया है।
व्हाट्सएप की सुरक्षा के लिए 7 जरूरी कदम:
* टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अकाउंट पर 6 अंकों का पिन और रिकवरी ईमेल अनिवार्य रूप से सेट करें।
* लिंक्ड डिवाइसेज पर नजर: नियमित जांचें कि व्हाट्सएप किसी अनजान कंप्यूटर या फोन पर तो लॉगिन नहीं है; गैर-जरूरी डिवाइसेज को तुरंत लॉगआउट करें।
* बायोमेट्रिक लॉक: संवेदनशील चैट्स और मुख्य ऐप पर फिंगरप्रिंट या फेस आईडी लॉक सक्रिय रखें।
* प्राइवेसी कंट्रोल: प्रोफाइल फोटो, स्टेटस और लास्ट सीन केवल परिचितों (My Contacts) तक सीमित रखें।
* एन्क्रिप्टेड बैकअप: चैट बैकअप के लिए पासवर्ड या 64-डिजिट की (Key) सुरक्षा चालू रखें।
* एडवांस्ड चैट प्राइवेसी: जरूरी चैट्स की ऑटो-सेविंग और एक्सपोर्ट रोकने के लिए प्राइवेसी सेटिंग्स ऑन करें।
* अनजान कॉल्स से बचाव: अनजान नंबरों की कॉल्स साइलेंट रखें और जीबी व्हाट्सएप जैसे असुरक्षित मॉडिफाइड ऐप्स के बजाय केवल ऑफिशियल ऐप का उपयोग करें।
मोबाइल साइबर हाइजीन के प्रमुख नियम:
* ऐप्स केवल अधिकृत ऐप स्टोर (Google Play Store या App Store) से ही डाउनलोड करें; अज्ञात स्रोतों से एपीके (APK) फाइलें इंस्टॉल न करें।
* फोन में ‘Install Unknown Apps’ और ‘USB Debugging’ सेटिंग्स हमेशा बंद रखें।
* ऐप्स को लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स और एसएमएस जैसी गैर-जरूरी अनुमतियां देने से बचें।
* पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क पर ऑनलाइन बैंकिंग या संवेदनशील डिजिटल लेन-देन करने से परहेज करें।
* संदिग्ध गतिविधि दिखने पर सरकारी अनुशंसित टूल्स जैसे M-Kavach 2 या eScan Bot Removal Tool का उपयोग करें।
धोखाधड़ी होने पर यहां करें शिकायत: यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकता है या राष्ट्रीय पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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