नमो भारत रेल कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, बावल-बहरोड़ RRTS की पूरक DPR जल्द होगी मंजूर

राजस्थान , 21

**मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय के दिए निर्देश**
 
**जयपुर, 2 सितंबर।** राजस्थान में नमो भारत रेल कॉरिडोर परियोजना को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के **बावल-बहरोड़ खंड** की पूरक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Supplementary DPR) को जल्द मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
 
शासन सचिवालय में बुधवार को **मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास** की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त पूरक DPR पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
 
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए पूरक DPR को अनुमोदन के लिए संबंधित विभागों को शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने सक्षम स्तर से मंजूरी प्राप्त कर **राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति जल्द केंद्र सरकार को भेजने** को कहा।
 
उन्होंने कहा कि नमो भारत रेल कॉरिडोर क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ **औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को गति देने** में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
 
### 129 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा कॉरिडोर
 
बैठक में बताया गया कि **सराय काले खां से बहरोड़ तक प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर की कुल लंबाई 129.05 किलोमीटर** होगी। इसमें राजस्थान में 25.16 किलोमीटर का हिस्सा आएगा।
 
राजस्थान क्षेत्र में **शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़, शाहजहांपुर, नीमराणा और बहरोड़** सहित चार एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं।
 
### 7,747 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
 
बावल-बहरोड़ खंड की अनुमानित लागत **7,747 करोड़ रुपये** आंकी गई है। इसमें 5,167.28 करोड़ रुपये मूल लागत, करीब 640 करोड़ रुपये भूमि लागत तथा 1,861 करोड़ रुपये उद्यम निधि शामिल है।
 
बैठक में परियोजना की **वित्तपोषण व्यवस्था, चरणबद्ध व्यय और राज्य सरकार के वित्तीय दायित्वों** पर भी चर्चा की गई। परियोजना के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने को लेकर जिला कलक्टर, कोटपूतली-बहरोड़ और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बीडा को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
 
### राजस्थान-हरियाणा के बीच लागत और एमओयू पर चर्चा
 
बैठक में राजस्थान-हरियाणा सीमा से बावल तक के हिस्से की लागत दोनों राज्यों द्वारा वहन किए जाने के मुद्दे पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही हरियाणा सरकार से प्राप्त **समझौता ज्ञापन (MoU) के निष्पादन** पर भी चर्चा हुई।
 
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव **शिखर अग्रवाल**, राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव **टी. रविकान्त**, वित्त (राजस्व) विभाग के प्रमुख शासन सचिव **वैभव गालरिया** सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
 
**क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, रोजगार और औद्योगिक विकास की दृष्टि से यह परियोजना राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।**

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