*राज्यपाल ने एस0एस0वी0 पी0जी0 कालेज, हापुड़ में सोलर प्लांट एवं बायोमेट्रिक मशीन का किया उद्घाटन*

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लखनऊः 20 मार्च, 2023
प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज एस0एस0वी0 पी0जी0 कालेज, हापुड़ में छात्रों द्वारा निर्मित 65 किलोवाट के सोलर प्लांट और कालेज के 13 विभागों में लगी 13 बायोमेट्रिक मशीन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने कहा कि जब तक भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों प्राथमिकता पर नहीं होंगे तब तक हम चहुंमुखी विकास के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते। नई शिक्षा नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत बच्चों को प्रवेश हेतु हम सभी लोग मिलकर कार्य करें। कालेजों में ऐसे अध्यापक रखे जाएं जो आज की टेक्नोलॉजी के साथ बच्चों को शिक्षा भी दे सकें।  
राज्यपाल जी ने कहा कि एस0एस0वी0 कालेज की स्थापना हमारे संविधान बनने के एक वर्ष बाद हो गई है, जो दर्शाता है कि यहां के लोग शिक्षा का कितना अधिक महत्व समझते हैं। उन्होंने कहा कि हमें छोटी उम्र के बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं संस्कार देना चाहिए। 
राज्यपाल जी ने कहा कि बहुत कठोर परिश्रम करके देश के 130 करोड़ की आबादी का सुझाव लेकर नई शिक्षा नीति हमारे सामने प्रख्यापित हुई। बच्चे जो सीखना चाहते हैं वो उसे मिलना चाहिए। यह इसमें रखा गया है। यदि बच्चा चाहता है कि उसे एक साल का अभ्यास करना है तो उसे एक साल का सर्टिफिकेट मिलेगा। नई शिक्षा नीति में प्रावधान किया गया है कि एक साल के बाद भी वह दोबारा से दूसरे, तीसरे साल में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। 
राज्यपाल जी ने कहा कि अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए हमने बल दिया ही है। परीक्षा पास करना अलग है और बच्चों को सिखाना अलग विधि है। इसी बजह से अध्यापकों का प्रशिक्षण जरूर होना चाहिए। यह प्रावधान नई शिक्षा नीति में किया गया है। 
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए नैक की कसौटी पर हमारे शिक्षण संस्थानों को खरा उतरना होगा। जब नैक मूल्यांकन होगा, तब हमें पता चलेगा कि हम कहां हैं। यह मूल्यांकन करें कि हमारे कालेज की गुणवक्ता कैसी है। 
राज्यपाल जी ने कहा कि नई शिक्षा प्रणाली में प्रावधान किया गया है कि 2030 तक पचास प्रतिशत बच्चे उच्च शिक्षा में जाने चाहिए। आज 2023 में 23 प्रतिशत हैं, जो कि चिंता का विषय है। यह लक्ष्य यथाशीघ्र हम सभी को मिलकर पूरा करना होगा। उन्होंने शिक्षा, टीबी रोग, आंगनबाड़ी केंद्र के लिए जनप्रतिनिधियों को यथायोग्य योगदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त कराने के लिए प्रयास करें। अपने क्षेत्र में टीबी के रोगियों को जागरूक करें ताकि वह उपचार करा सकें। जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे उनके परिजन से मिलकर उनका स्कूल में दाखिला अवश्य कराएं। गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखा जाए कि उनका टीकाकरण हुआ या नहीं, उन्हें सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए जागरूक करें। आयुष्मान भारत योजना का लाभ पात्र लोगों को दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों ने स्वेच्छा से कोरोना में आगे आकर मदद की उसी तरह से आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आगे आकर मदद करें। 
इस अवसर पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक विजयपाल आढ़ती, श्री शिक्षा प्रसाद समिति के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, सचिव अमित जौनी, राजेंद्र रोशे, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति आदि मौजूद थे।

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