राम की नगरी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने वाली तमाम योजनाओं को ठेंगा दिखा नगर निगम

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अयोध्या।
राम की नगरी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने वाली तमाम योजनाओं को ठेंगा दिखाता आ रहा नजर।नगर निगम का एक ऐसा मोहल्ला वर्ष 1992 के बाद से लेकर आज तक पेयजल की पाइप लाइन में एक कतरा पानी भी स्थानीय लोगों को अभी तक नही हुआ नसीब।स्थानीय लोगों का आरोप।अपने ही पैसे से पेयजल के लिए समरसेबल आदि उपकरणों को लगवा कर अपने घरों में इस्तेमाल होने के लिए पानी की व्यवस्था।सालों भर से सूखी पड़ी टोटियां।कई चेयरमैन देखे और अब पार्षद के साथ महापौर का अब कार्यकाल खत्म होने को।लंबे समय से आ रही पेयजल की समस्या को लेकर स्थानीय लोग 1992 से लेकर अब तक अधिकारियों, कर्मचारियों व जिम्मेदारों से शिकायत की लेकिन समस्या वैसे ही बनी हुए।अयोध्या के रामकोट मोहल्ले में स्थित इस मोहल्ले का नाम कोठी घाट के इस मोहल्ले में 15 से 20 परिवार मुस्लिम समाज रहता।और ठीक पीछे ऐतिहासिक ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा।सामने राम जन्मभूमि का भव्य मन्दिर का निर्माण भी आता हैं नजर। लेकिन बावजूद इसके करीब 30 साल है बीतने को।लेकिन लोगों के नलों में पानी तो नहीं आ रहा है लेकिन हर साल मोहल्ले के लोग देते हैं वाटर टैक्स।स्थानीय पार्षद पार्षद रमेश दास का बयान।मोहल्ले की समस्या का मामला आया है संज्ञान में। जल्द ही अटल अमृत योजना के अंतर्गत उस मोहल्ले में पेयजल की व्यवस्था सुचारू रूप से हो जाएगी शुरू।

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