लखनऊ पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय किया गया विरोध प्रदर्शन
अन्य खबरे Aug 08, 2022 at 08:45 PM , 543*इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट)बिल 2022 को भारत की संसद मैं रखे जाने के विरोध में पूरे प्रदेश के जनपद /परियोजनाओं के मुख्यालयों पर किया गया ध्यानाकर्षण विरोध प्रदर्शन:–*
लखनऊ।
केंद्र सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022, को आज लोकसभा में रखे जाने के विरोध में *NCCOEEE* तथा *All India Federation of Power Diploma Engineers* के निर्देशन में प्रदेश भर के *जूनियर इंजीनियर एवं प्रोन्नत अभियंता द्वारा समस्त जनपद मुख्यालय* पर इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2022 के विरोध में प्रदर्शन किया गया।केंद्र सरकार द्वारा विद्युत अधिनियम (संशोधन )विधेयक 2022 जोकि निश्चित रूप से ऊर्जा क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने वाला,कर्मचारी एवं अवर अभियंता संवर्ग के हितों को प्रभावित करने वाला, उपभोक्ताओं और किसानों को महंगी बिजली प्रदान करने वाला है, को लोक सभा में प्रस्तुत किया गया जिसका प्रमुख विपक्षी पार्टियों के सांसदों द्वारा विरोध किया गया जिस पर केंद्र सरकार द्वारा उपरोक्त बिल को *स्टैंडिंग कमिटी लोकसभा* को संदर्भित कर दिया गया है। *संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष ई जी वी पटेल एवं केंद्रीय महासचिव ई जय प्रकाश द्वारा संयुक्त रुप से बयान देते हुए* कहा कि इस विधेयक को जल्दबाजी में संसद में प्रस्तुत किया गया है। जबकि इससे संबंधित सभी स्टेकहोल्डर से कोई भी विचार-विमर्श नहीं किया गया। इलेक्ट्रीसिटी (अमेण्डमेंट) बिल 2022 में यह प्राविधान है कि एक ही क्षेत्र में एक से अधिक वितरण कम्पनियों को लाईसेंस दिया जायेगा। निजी क्षेत्र की नई वितरण कम्पनियां सरकारी क्षेत्र के नेटवर्क का प्रयोग कर बिजली आपूर्ति करेंगी। और इस प्रकार धीरे–धीरे सरकारी कंपनियों को और अधिक घाटे के तरफ ले जाकर उनको समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। सभा को संबोधित करते हुए All India Federation of Power Diploma Engineers के *राष्ट्रीय अध्यक्ष ई आर के त्रिवेदी* ने कहा की यह बिल देश की जनता एवं किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, जैसा कि पूर्व में भी भारत सरकार द्वारा यह आश्वस्त किया गया था कि उपरोक्त बिल को बिना किसान संघ,स्टेकहोल्डर सेवा संघों एवं उपभोक्ता प्रतिनिधियों से बिना वार्ता– सहमति के लोकसभा में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। किंतु आज इस बिल को लोकसभा में प्रस्तुत कर दिया गया है। इस बिल के लागू होने से सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी समाप्त हो जाएगी किसानों को और आम जनता को महंगी बिजली प्राप्त करने हेतु विवश होना पड़ेगा,साथ ही कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।आज इस बिल के विरोध में पूरे देश में प्रत्येक जनपद मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। मध्यांचल मुख्यालय पर हुए सभा मे लेसा सीस,ट्रांस एवं शक्ति भवन, पारेषण शाखा के भारी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।इसके अतिरिक्त आगमी 10 अगस्त को राजधानी लखनऊ सहित सभी जनपदों व परियोजना मुख्यालयों पर अपराह्न 04 बजे से 06 बजे तक विरोध प्रदर्शन किये जायेंगे।



























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