’शहरों में समावेशी स्वच्छता के लिए सेप्टेज प्रबंधन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला का नगर विकास मंत्री ने किया समापन

जनपत की खबर , 442

शहरों को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए सभी परिसंपत्तियों को चिन्हित कर जनभागीदारी से सौन्दर्यीकरण कराएं

 साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण, शुद्ध वायु की दिशा में तेजी से कार्य कराए जा रहे

शहरों व कस्बों में आबादी के अनुपात में फीकल स्लज और सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाय 

शहरवासियों को हरहाल में मिले पीने को साफ पानी,गंदे पानी की आपूर्ति पर तुरंत हो इसका समाधान 

नगरीय व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए शहरों व कस्बों की सीमा में व इसके आस पास के क्षेत्रों में बिना अनुमति के मकान,व्यवसायिक भवन, रिहाइसी इलाकों, कालोनियों का न हो निर्माण

लखनऊः 31 जुलाई, 2022

          प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0 के0 शर्मा ने सभी नगर पालिका परिषदो व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों व नगर आयुक्तों को निर्देशित किया है कि सभी नगरीय निकायों में समग्र विकास के लिए 01 माह के भीतर रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत करें, जिससे कि अच्छे से श्रेष्ठ की ओर नगरी जीवन को ले जाने के संकल्प को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि जीवन के अनुकूल पर्यावरण की संरचना के लिए शहरों व कस्बों का सुंदरीकरण करना आवश्यक है। यहां की सभी परिसंपत्तियों का मौका मुआयना कर जनभागीदारी से सुंदरीकरण कराएं। उन्होंने कहा कि बढ़ती हुई आबादी के अनुकूल ही शहरों की व्यवस्था हो। आवश्यकतानुसार ड्रेनेज सिस्टम, पार्किंग की व्यवस्था और फीकल स्लेज व सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो, इसके प्रयास किए जाएं। शहरों के व्यवस्थित विकास की दिशा में सभी को ध्यान देना जरूरी है।
        श्री ए0के0शर्मा ने नगरी निकाय निदेशालय में 'शहरों में समावेशी स्वच्छता के लिए सेप्टेज प्रबंधन' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरी जीवन आसान हो, इसके लिए शहरों के गंदे स्थानों से गंदगी को हटाकर वहां अमृत वन, अमृत पार्क, उद्यान विकसित किए जाएं। पौधरोपण कराया जाए। ग्राउंड वाटर रिचार्ज के लिए अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जाए। मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था हो, आबादी के अनुपात में एफएसटीपी व एसटीपी का भी निर्माण कराया जाए। संभव हो तो अर्बन मैनेजमेंट के तहत बढ़ती आबादी का डिसेंट्रलाईज व्यवस्था भी कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी को साफ पानी पीने को मिले इसके लिए पाइप की व्यवस्था सुदृढ़ हो और जहां कहीं पर भी गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत मिले तुरंत इसका समाधान भी किया जाए।
        कार्यशाला में नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों से संवाद कर उनके क्षेत्रों में कराए जा रहे कार्यो की जानकारी ली और शहरीकरण में सुधार पर उनके सुझाव जाने। उन्होंने कहा कि शहरों व कस्बों के भीतर व आसपास के क्षेत्रों में विकसित हो रही कालोनियों, कमर्शियल भवनों, रिहायशी इलाकों एवं मकानों की बिना अनुमति के बनाने से रोकना होगा। इस प्रकार के निर्माण कार्यों व विकास से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना होगा, जिससे कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न ना हो।इसके लिए आर्गनाइजड सोसाइटी का व्यवस्थापन करना होगा। उन्होंने मिर्जापुर के अधिशासी अधिकारी को विंध्यवासिनी में पार्कों व पाथ वे का निर्माण, गंदे स्थानों का सुंदरीकरण तथा एसटीपी व एफएसटीपी का निर्माण कराने के भी निर्देश दिए।
       श्री ए0 के0 शर्मा ने अधिकारियों से कहा है कि नगरीय व्यवस्था में क्या-क्या जरूरी है, इसमें कौन-कौन से कार्य किए जाने हैं, इसकी जानकारी के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है। यहां से सीख कर स्थानीय स्तर पर सुधार के कार्य करने होंगे तथा किए गए कार्यों को साझा भी करना होगा। उन्होंने संभव के तहत जन सुनवाई करने,1533 पर आई शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की डोर-टु -डोर कूड़ा कलेक्शन में कूड़ा गाड़ियों लांच की गई ट्यून को जरूर बजवाये।
        इस अवसर पर निदेशक नगरीय निकाय नेहा शर्मा ने मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि उनके दिशा निर्देशों का अनुपालन कराया जायेगा। कार्यशाला में अपर निदेशक (प्रशिक्षण) पी0के 0श्रीवास्तव, उप निदेशक (प्रशिक्षण)सुनील यादव, सीएसई के पदाधिकारी और अधिशासी अधिकारी उपस्थित थे।

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