मुख्यमंत्री ने संत परमहंस रामचन्द्र के समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित किया एवं विकास कार्यो की ली जानकारी

जनपत की खबर , 583

लखनऊ/अयोध्या।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज अयोध्या धाम में आगमन हुआ। इस आगमन का मुख्य उद्देश्य श्री रामजन्मभूमि आंदोलन के स्तम्भ पूज्य परमहंस रामचन्द्र दास महाराज के 19वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्वासुमन अर्पित करने के साथ उन्हें याद किया जाना था। प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरखपुर पीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जी का पूज्य संत परमहंस रामचन्द्र दास जी महाराज से व्यक्तिगत सम्बंध रहा है तथा मुख्यमंत्री योगी के गुरू पूज्य महंत अवैद्यनाथ के साथ दिगम्बर अखाड़ा के महंत पूज्य परमहंस रामचन्द्र दास के यहां व्यक्तिगत रूप से आना जाना लगा था। परमहंस रामचन्द्र दास के शिष्य एवं उत्तराधिकारी महंत सुरेश दास महाराज के आमंत्रण पर  मुख्यमंत्री का रविवार को आगमन हुआ है।सर्वप्रथम मुख्यमंत्री रामकथा पार्क हेलीपैड पर पहुंचकर सीधे सरयू घाट/रामकथा पार्क स्थित पूज्य परमहंस रामचन्द्र दास महाराज के समाधि स्थल पर श्रद्वासुमन एवं पुष्प अर्पित किया गया। इस अवसर पर समाधि स्थल के संयोजक आचार्य नारायण मिश्रा द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत भी किया गया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री श्री हनुमानगढ़ी में पहुंचकर दर्शन पूजन किया। तत्पश्चात श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में पहुंचकर रामलला के दर्शन पूजन करने के साथ मंदिर निर्माण के प्रगति के कार्यो की जानकारी ली। उक्त अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय के साथ मण्डलायुक्त नवदीप रिणवा, पुलिस उपमहानिरीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा, नगर आयुक्त विशाल सिंह के साथ अयोध्या में चल रहे विकास कार्यो एवं श्रावण झूला मेला के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करने के साथ श्रावण झूला मेला को शांतिपूर्ण एवं बेहतर ढंग से सम्पन्न कराने के लिए दिशा निर्देश दिये। अगले चरण में मुख्यमंत्री दिगम्बर अखाड़ा में पहुंचकर पूज्य संत  परमहंस रामचन्द्र महाराज के स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यहां भी उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्वासुमन अर्पित किया गया। उक्त अवसर पर  मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूज्य परमहंस रामचन्द्र दास महाराज जी हमेशा हम सभी के प्रेरणास्त्रोत बने रहेंगे तथा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में महंत जी का जो मुख्य भूमिका थी उसका वर्णन शब्दों में नही किया जा सकता है। इन्हीं संतों के संघर्ष का परिणाम है कि 500 साल के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सब संतों के आर्शीवाद से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण हो रहा है। आज निर्माण कार्यो का मेरे द्वारा पुनः अवलोकन किया गया। इस अवसर पर दिगम्बर अखाड़ा के महंत सुरेश दास द्वारा स्वागत किया गया। उक्त अवसर पर प्रमुख संतों द्वारा दिगम्बर अखाड़ा में मुख्यमंत्री से जगतगुरू रामानन्दाचार्य महाराजा हरिश्चन्द्र महाराजा भागीरथ परमहंस रामचन्द्र दास पूज्य अशोक सिंघल आदि महापुरूषों से सम्बंधित अयोध्या में स्थल विकास करने का सुझाव दिया गया। उक्त अवसर पर जगतगुरू राघवाचार्य विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी राजेन्द्र सिंह पंकज, रसिक पीठाधीश्वर जन्मेजय सिंह, महंत धर्मदास  पूर्व सांसद डा0 रामविलास दास वेदांती, बड़े भक्त महल के महंत अवधेश दास, उदासीन आश्रम के महंत भरत दास, दन्तधावन कुंड के महंत विवेक दास वरूण दास बलराम दास राजू दास जयराम दास महेन्द्र दास, धु्रव दास, आशुतोष दास, राघव दास, आदि पूज्य संत, सांसद लल्लू सिंह, कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रूदौली विधायक रामचन्द्र यादव, सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी एवं संत महात्मा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।अन्त में मुख्यमंत्री का हेलीपैड पर मण्डलायुक्त नवदीप रिणवा, पुलिस उपमहानिरीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी अनिता यादव, नगर आयुक्त विशाल सिंह ने मुख्यमंत्री को हेलीपैड से चित्रकूट धाम के लिए विदा किया गया।

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