पुस्तक मेला समितियों की प्रतियोगिताएं सकारात्मक सोच बनाएगी हरदम विजेता

अन्य खबरे , 474

लखनऊ, 6 अक्टूबर। केवल इस कोरोना काल में ही नहीं, सकारात्मक सोच हमें हमेशा विजेता बनाएगी। यह सार था उन प्रतियोगियों के वक्तव्यों का जिन्होंने आज अपनी अभिव्यक्ति प्रतियोगिता के जरिए आनलाइन दी। राष्ट्रीय पुस्तक मेला समिति और लखनऊ पुस्तक मेला समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ऑनलाइन पुस्तक मेले में छठे दिन ‘लाकडाउन में सकारात्मक परिणाम’ विषयक सम्भाषण प्रतियोगिता हुई। इसमें देश- प्रदेश के बाल और युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस क्रम में बुधवार 7 अक्टूबर को भजन गायन की प्रतियोगिता होगी।
ज्योति किरन रतन के संयोजन और संचालन में हुए इस वृहद प्रतियोगितात्मक कार्यक्रम में पांच से सोलह साल तक के प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया। कानपुर से अवनीत कुमार चावला, कोटा से आस्था चतुर्वेदी, बस्ती से प्रणव तिवारी, गोरखपुर से अंतरा चैधरी, बनारस से अविका गुप्ता और लखनऊ से मंजु सिंह, रिद्धिमा सोनकर और अक्षिता सिंह सहित अन्य कई प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने कहा कि कोरोना संकट काल जहां विश्व पर काल बनकर मंडरा रहा है वहीं, इस आपदा में भी लोगों ने अपने और समाज के विकास का मार्ग तलाश लिया हे। लोगों को अपने परिवार के साथ अधिक से अधिक समय बिताने का अवसर मिला वहीं कम खर्च में गृहस्थी चलाने का हुनर भी सीखा। इस खाली समय में लोगों ने ज्ञानार्जन किया वहीं अपने शौक भी पूरे किये। यहां तक की लोग अपने घरों की आंतरिक और वाह्य सज्जा भी मन मुताबिक पूरे समय मौजूद रहकर अपने सामने करवा पाए। स्वास्थ खानपान के प्रति लोग सजग हुए और फूलों की बगिया के साथ साथ साग सब्जियों की बगिया भी विकसित की। अब वह अपनी बगिया की लौकी और तुरई का आनंद ले रहे हैं। वाहन कम चलने से प्रदूषण पर अंकुश लगा वहीं लोगों की पैदल चलने की आदत पड़ी। लोगों ने मास्क आदि बनाकर रोजगार के अवसर भी सृजित किये। समाजोपकार के प्रति भी लोग जागरुक हुए और उन्होंने प्रवासी मजदूरों से लेकर झोपड़-पट्टियों तक में भोजन, कपड़े दवाएं आदि पहुंचायी। ऑनलाइन क्लास ने अभिभावकों के समक्ष यह अवसर भी उपलब्ध करवाया कि वह अध्यापक की मेहनत और अपने बच्चे के सहपाठियों की तत्परता से भी रूबरू हो पाए। प्रतिभागियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनहित मे किये जा रहे कार्यो की भी प्रशंसा की। वक्ताओं ने संदेश दिया कि ऐसा विकास हो जिसमें समाज का विकास हो। प्रकृति का संरक्षण हो। मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि इन आनलाइन प्रतियोगिताओं में यह अच्छी बात है प्रतिभागी राजधानी के अलावा अन्य जिलों और प्रदेश से बाहर भी भाग ले पा रहे हैं।

Related Articles

Comments

Back to Top