_*कोरोना की मार: मुस्लिम रोजेदारों ने किया कोरोना संक्रमित महिला का अंतिम संस्कार, नहीं पहुंचे परिजन*
अन्य खबरे Apr 28, 2021 at 09:55 PM , 287लखनऊ।
_मरने के बाद अपनों के साथ-साथ मोहल्ले वालों ने छोड़ा साथ_
_रिश्तेदार नातेदार, पड़ोसी सबने फेरी आंखे ऐसे में शव उठाने और अंतिम संस्कार कराने पहुंचे तीन रोजेदार_
_कोरोना महामारी का अब सामाजिक दुष्प्रभाव दिख रहा है_
_समाज से मानवता खत्म हो रही है_
_हालत यह है कि कोरोना से मौत होने के बाद उनके अपने ही अंतिम संस्कार से बच रहे हैं_
_सांप्रदायिक सौहाद्र और भाईचारे की मिसाल_
_इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। इमदाद ग्रुप लीडर_



























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