नोएडा ,किसान यूनियन अंबावता ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, चाइल्ड पीजीआई में बंद ऑक्सीजन प्लांट को चालू कराने समेत कई बड़ी मांग की

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नोयडा।
नोएडा भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के जिलाध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने सेक्टर-30 में स्थित पीजीआई हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की किल्लत के नाम पर मरीजों को भर्ती न करने को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन दिया है। शुक्रवार को संगठन के पदाधिकारी गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को यह ज्ञापन देने पहुंचे थे। उन्होंने डीएम के प्रतिनिधि के तौर पर सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा को पत्र सौंपा और इस पर कार्रवाई की मांग की। बताते चलें कि चाइल्ड पीजीआई को इसी महीने कोविड हॉस्पिटल बनाया गया था।


जिलाध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने कहा कि, “ऑक्सीजन की कमी को लेकर सरकारी एवं गैर सरकारी सभी अस्पताल में कोविड-19 महामारी से पीड़ित लोग परेशान हैं। दुख का विषय यह है कि नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के सरकारी अस्पतालों के आलाअधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। हालांकि नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन ऑक्सीजन की कमी को दूर करने का वादा कर रहे हैं। लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है। पीजीआई के अफसरों-प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों और जिला प्रशासन अगर समन्वय बनाए, तो पीजीआई का ऑक्सीजन प्लांट शुरू किया जा सकता है। इसके संचालित होने से  नोएडा के नागरिकों को इस मुश्किल घड़ी में काफी राहत मिलेगी। भारतीय किसान यूनियन जनहित में नोएडा प्राधिकरण  एवं प्रशासन से अपील करता है कि पीजीआई के ऑक्सीजन प्लांट को चालू किया जाए।


साल 2015 में नोएडा प्राधिकरण ने पीजीआई अस्पताल सेक्टर-30 में 18 लाख रुपए खर्च करके ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन की लाइन बिछाई गई है। पीजीआई में 250 बेड से लैस आईसीयू एवं वेंटीलेटर की सुविधाओं के साथ कोविड-19 अस्पताल बनाया गया है। इसमें 40 डॉक्टरों की टीम और 250  नर्सों की टीम कोरोना महामारी के लिए कार्यरत है। लेकिन ऑक्सीजन की कमी बताकर किसी भी मरीज को इलाज नहीं मिल रहा है। डॉक्टर और नर्सों की टीम ऑक्सीजन के अभाव में खाली बैठ कर अपना समय व्यतीत करने पर मजबूर हैं। जबकि सरकार डॉक्टरों एवं नर्सों पर करीब 2 करोड़ प्रतिमाह खर्च कर रही है।


संगठन का कहना है कि, “ज्यादातर अस्पतालों में मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ इंसानियत का व्यवहार नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया पर पीड़ित इसकी शिकायत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से कहा गया है कि, “आपसे अनुरोध है कि सरकारी एवं गैर सरकारी सभी कोविड-19  अस्पतालों के लिए फ्लाइंग टीम का गठन किया जाए। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों पर फ्लाइंग टीम का हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी जिले के अस्पतालों में मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों और नर्सों के संपर्क में रहें। इससे सभी अस्पतालों की मनमानी खत्म होगी। मरीजों एवं तीमारदारों को राहत मिलेगी। शर्मा यादव, प्रवीण शर्मा, सोनू चौहान, कुलबीर चौहान, संजय शर्मा, राजेश उपाध्याय, मुकेश बीडीसी, पुरुषोत्तम शर्मा, मोनू आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

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