ग्रेटर नोएडा,शहर के व्हाट्सएप ग्रुप्स में नरेंद्र भूषण ने मैसेज पोस्ट किया- दोस्तों! इस बुरे वक्त में हमें धैर्य धरना होगा

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नोयडा।
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (Noida Authority) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और गौतमबुद्ध नगर कोविड-19 अभियान के प्रभारी नरेंद्र भूषण (Narendra Bhushan IAS) ने शुक्रवार की सुबह शहर के कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स में संदेश लिखा है। दरअसल, नरेंद्र भूषण गायब हैं ऐसा कहते हुए शहर के सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की थीं। समाजवादी पार्टी के जिला महामंत्री ने तो नरेंद्र भूषण की तलाश में पोस्टर भी जारी किया। भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारियों ने नरेंद्र भूषण को गायब बताया और सरकार तक शिकायत पहुंचाई। ऐसे में नरेंद्र भूषण में शहर के व्हाट्सएप ग्रुप पर अपनी मौजूदगी जताई है।


नरेंद्र भूषण ने अपने मैसेज में लिखा है, "दोस्तों! इस बुरे वक्त में हमें धैर्य धरना है। जीवन में पहली 12 इस परेशानी को सामान्य करने के लिए सरकार अपना सर्वोत्तम प्रयास कर रही है। मैं मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता पर केंद्र सरकार आदि से समन्वय कर रहा हूं। हमें जल्दी देखने के लिए मिलेगा कि पूरे उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति सामान्य हो गई है। हम बहुत जल्दी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का काम शुरू करने जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा का राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान एक अनोखे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के आधार पर अतिरिक्त 100 बिस्तरों का विस्तार करने जा रहा है, जो कल से ऑपरेट होने लगेगा। मेरा सभी से केवल एक निवेदन है कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें। मास्क जरूर पहनें, बिना वजह घर से बाहर नहीं निकलें, निरंतर रूप से अपने हाथ धोते रहें, उचित सामाजिक और शारीरिक दूरी बनाए रखें। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी।"


बीती रात करीब साढ़े ग्यारह बजे एक व्हाट्सएप ग्रुप पर शहर की सामाजिक कार्यकर्ता साधना सिन्हा ने एक मैसेज पोस्ट करके बताया कि एक मरीज की तबीयत बहुत खराब है। उन्हें बेड नहीं मिल पा रहा है। कोई उन्हें भर्ती करवाने में मदद कर दे। साधना सिन्हा के इस मैसेज पर भी नरेंद्र भूषण ने सुबह प्रत्युत्तर दिया। उन्होंने लिखा कि ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ.आरके गुप्ता से बात की है। आप उनसे संपर्क कर लीजिए। वह मरीज को भर्ती करेंगे। सीईओ नरेंद्र भूषण के मैसेज का व्हाट्सएप ग्रुप्स में कई लोगों ने स्वागत भी किया है।

*गैरमौजूदगी पर टिप्पणी करने वालों ने भी स्वागत किया*

नरेंद्र भूषण की गैरमौजूदगी पर टिप्पणी करने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें राज्य सरकार ने जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। हमारा मकसद भी यही है कि वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करें। उन्होंने मैसेज दिया है। इसका हम स्वागत करते हैं। उम्मीद है कि वह जिले की जनता के बीच अपनी उपस्थिति बनाए रखेंगे। लोगों के फोन कॉल्स का जवाब देंगे। लोग उन्हें अपनी परेशानी बता रहे हैं तो उसका समाधान करेंगे। यह अच्छी बात है कि वह उत्तर प्रदेश के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति की बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय ने ही गौतमबुद्ध नगर संभालने की भी जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी मौलिक तैनाती गौतमबुद्ध नगर में है। लिहाजा उन्हें सामान्य रूप से जिले की जनता के सुख-दुख पर भी ध्यान देना होगा। 


आगे कहा, पिछले एक सप्ताह में जिस तरह से लोगों का बुरा हाल हुआ है, जिले के लोग खुद को असहाय और लावारिस महसूस कर रहे थे। वह करीब 2 सप्ताह से ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अपने कार्यालय तक में नहीं पहुंचे हैं। क्या राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों को बंद कर दिया है। आखिर किसी के परिवार का कोई सदस्य आखिरी सांसे ले रहा होगा तो ऐसे वक्त में लोग किससे मदद मांगेंगे। नरेंद्र भूषण को सर्वेसर्वा बना देने की वजह से जिलाधिकारी और जिले के बाकी अफसर भी बैकफुट पर हैं। ऐसा भी जीवनकाल में पहली बार ही देखने को मिला है।

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