KGMU में STF रिपोर्ट की जांच के लिए बनेगी अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, कार्य परिषद का सर्वसम्मत फैसला
जनपत की खबर Nov 06, 2026 at 07:50 PM , 40**समिति में कुलपति-कुलसचिव के अलावा चार सदस्य होंगे शामिल, दो वरिष्ठ शिक्षक और दो स्वतंत्र वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होंगे नामित**
**जांच पूरी होने तक शिक्षकों को दोषी ठहराना उचित नहीं, धर्मांतरण से जुड़ी खबरों का खंडन करने का भी निर्णय**
**लखनऊ, 6 नवंबर।** किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में STF की रिपोर्ट के परीक्षण के लिए विश्वविद्यालय की परिनियमावली के प्रावधानों के तहत डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति) गठित की जाएगी। शुक्रवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की विशेष बैठक में इस संबंध में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
बैठक का मुख्य एजेंडा शासन के माध्यम से 30 अक्टूबर 2026 को भेजी गई STF की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श करना था। बैठक की शुरुआत में कुलसचिव ने STF की पूरी रिपोर्ट कार्य परिषद के समक्ष बिंदुवार प्रस्तुत की और उसका विस्तृत वाचन किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ओर से प्रस्तुत प्रत्यावेदनों को भी सदस्यों के सामने पढ़कर सुनाया गया।
इन प्रत्यावेदनों में कुछ शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने संबंधित समिति और STF की टिप्पणियों में उनके नाम गलत एवं अनुचित रूप से शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि इन प्रत्यावेदनों को संबंधित विभागीय समितियों के समक्ष रखा जाएगा और उनमें उठाए गए तथ्यों एवं आपत्तियों पर विचार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
**KGMU स्टैच्यूट 11.11 के तहत गठित होगी समिति**
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, शासन की ओर से KGMU एक्ट और विश्वविद्यालय की परिनियमावली के स्टैच्यूट 11.11 के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई अपेक्षित की गई थी। सभी तथ्यों और अभिलेखों पर विचार करने के बाद कार्य परिषद ने इसी प्रावधान के अंतर्गत डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी गठित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया।
समिति में कुलपति और कुलसचिव के अलावा चार अन्य सदस्य होंगे। इनमें दो सदस्य विश्वविद्यालय के वर्तमान वरिष्ठ शिक्षकों में से संबंधित श्रेणियों के अनुसार नामित किए जाएंगे। शेष दो सदस्य स्वतंत्र सदस्य के रूप में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में से होंगे। इनके चयन में वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
**सभी पक्षों को सुनने के बाद होगी आगे की कार्रवाई**
समिति STF की संपूर्ण रिपोर्ट, उससे संबंधित तथ्यों और अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण करेगी। इसके साथ ही संबंधित शिक्षकों एवं अन्य व्यक्तियों का पक्ष भी सुना और परखा जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय की परिनियमावली और लागू नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
**धर्मांतरण से जुड़ी खबरों का खंडन करने का निर्णय**
कार्य परिषद ने समाचार पत्रों में प्रकाशित एवं प्रसारित धर्मांतरण से संबंधित उन खबरों का खंडन करने का भी निर्णय लिया, जिन्हें विश्वविद्यालय के अनुसार STF की टिप्पणियों के विपरीत बताया गया है। परिषद का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले ही शिक्षकों को दोषी के रूप में प्रचारित करना उचित नहीं है। इस संबंध में सूचना विभाग को भी तथ्यों से अवगत कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्य परिषद का यह निर्णय KGMU अधिनियम और परिनियमावली के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमसम्मत प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। समिति द्वारा तथ्यों और अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






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