पीलीभीत: CM योगी बोले- भारत की सबसे बड़ी ताकत हमारी आस्था, इसी ने देश को एकता के सूत्र में बांधा

जनपत की खबर , 20

**पीलीभीत/लखनऊ।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी आस्था है। यही आस्था उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधती है। दुनिया के अनेक देश अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक इकाइयों में बंटे हुए हैं, लेकिन भारत की सांस्कृतिक एकता का आधार उसकी साझा आस्था और परंपराएं हैं।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनपद पीलीभीत में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, अयोध्या और श्रीराम मंदिर आंदोलन के ऐतिहासिक प्रसंगों पर अपने विचार रखे।
 
### भारत की एकता का आधार है आस्था
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में करीब 200 देश हैं। सभी की अपनी पहचान, उपलब्धियां और समस्याएं हैं। कुछ देशों की आबादी हजारों में है तो कुछ की लाखों और करोड़ों में। 50 करोड़ से अधिक आबादी वाले देशों में भारत और चीन शामिल हैं।
 
उन्होंने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि यूरोप एक नाम से जाना जाता है, लेकिन वहां अलग-अलग देश और राजनीतिक इकाइयां हैं। इसके विपरीत भारत उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां की आस्था है।
 
## 500 वर्षों तक जारी रहा रामजन्मभूमि का संघर्ष
 
मुख्यमंत्री ने रामजन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की आस्था 500 वर्षों तक बिना रुके, बिना डिगे और बिना पीछे हटे संघर्ष करती रही। लोग अखंड रामायण का पाठ करते थे, लेकिन उनके मन में यह पीड़ा भी रहती थी कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि गुलामी की बेड़ियों में जकड़ी हुई है।
 
उन्होंने कहा कि जब पूरा भारत एक स्वर में खड़ा हुआ तो अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
 
## 2 नवंबर 1990 की घटना का किया जिक्र
 
मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में रामभक्तों पर हुई गोलीबारी की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय अयोध्या में जय श्रीराम बोलने और रामभक्तों के आने तक पर प्रतिबंध था। रामभक्तों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उस दौर की परिस्थितियों और रामभक्तों के संघर्ष को याद किया।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलती थीं, जबकि आज उनका स्वागत पुष्पवर्षा से होता है।
 
उन्होंने अयोध्या के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि आज लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अयोध्या में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार हुआ है। 
 
**मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश यही रहा कि आस्था केवल धार्मिक भावना नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और पहचान का भी महत्वपूर्ण आधार है।**

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