*जिसका कोई नहीं उसका गीता परिवार* बेजुबान पशुओं का हमें है ख्याल
अन्य खबरे May 03, 2020 at 07:01 PM , 556राकेश पाण्डेय निश्छल
लखनऊ| अक्सर जब भी कोई आपदा आदि का प्रकोप होता है तो सभी सबसे पंहले अपने परिवार फिर रिश्तदारों और आस-पास के लोगों का ख्याल करते हैं, फिर इस हड़बड़ में क्या बेजुबानों का कोई मसीहा नहीं होता, ऐसा नहीं है।
आज जो हमारी विश्व के सामने महासंकट के रूप में खड़ी है इस बीच जहां लोग एक दूसरे की सहायता कर रहें हैं वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इन जानवरों की चिंता कर रहें है।
गीता परिवार व श्रीदुर्गाजी मंदिर समिति द्वारा न केवल नगर की गरीब जनता के लिए भोजन व राशन की व्यवस्था की जा रही है बल्कि पशुओं के लिए भी चारे, बिस्कुट आदि का वितरण किया जा रहा है।
नगर के कई इलाकों में जहाँ बहुत सी गायों हो वहां चूनी भूसी से युक्त चारे की व्यवस्था की गई जैसे बिरहाना, शास्त्रीनगर, मोतीनगर, इंद्राणी नगर, ऐशबाग आदि विभिन्न स्थानों पर।
कुत्तों को भी बिस्किट, रस, खिलाये जा रहें है तथा बच्चों के प्रिय जानवर बन्दर तथा गधों, बकरी के लिए केले, संतरे भी भोजन की व्यवस्था की जा रही है। लगभग 5000 पशुओं के लिए व्यवस्था की गई।
इस संकटकाल में भी इनके लिए इतना सोचा जा रहा है, सभी को इससे कुछ शिक्षा लेनी चाहिये तथा इस प्रकार के आयामों के लिए प्रयास करना चाहिये।



























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