कारागारों में दिव्यांग बंदियों के अधिकारों और गरिमा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: डीजी जेल पी.सी. मीना
अन्य खबरे Aug 03, 2026 at 08:30 PM , 12लखनऊ, 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश के महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पी.सी. मीना ने प्रदेश की सभी जेलों में निरुद्ध दिव्यांगजन बंदियों के अधिकारों एवं गरिमा की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बंदियों को शासन एवं भारत सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाएं।
सोमवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं मुख्यालय में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में गठित अनुश्रवण एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता महानिदेशक पी.सी. मीना ने की, जिसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। प्रदेश के सभी वरिष्ठ अधीक्षक एवं अधीक्षक कारागार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
बैठक में प्रदेश की विभिन्न जेलों में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, सहायक उपकरणों, सुगम्यता (Accessibility), यूडीआईडी (UDID) कार्ड, विधिक सहायता, पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की जनपदवार समीक्षा की गई।
महानिदेशक पी.सी. मीना ने अधिकारियों को यूडीआईडी कार्ड निर्गमन, एक्सेसिबिलिटी ऑडिट, आवश्यक सहायक उपकरणों की उपलब्धता तथा संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न कारागारों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं पर चर्चा कर उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
बैठक में अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन धर्मेंद्र सिंह, उपमहानिरीक्षक कारागार सुभाष चंद्र शाक्य, डॉ. रामधनी तथा वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



























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