'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ा अर्पण फाउंडेशन, पदाधिकारियों ने किया वृक्षारोपण और दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जनपत की खबर Jul 12, 2026 at 04:45 PM , 14लखनऊ। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत अर्पण फाउंडेशन के कार्यालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष आरती पाण्डेय, सचिव अद्भुत पाण्डेय एवं कोषाध्यक्ष रिद्धिमा पाण्डेय ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आरती पाण्डेय ने कहा कि "वृक्ष प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं। पर्यावरण को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।"
संस्था के सचिव अद्भुत पाण्डेय ने कहा कि "'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान प्रकृति और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान एक व्यापक जनआंदोलन बन सकता है।"
कोषाध्यक्ष रिद्धिमा पाण्डेय ने कहा कि "बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। हमें केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को हरित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।"
इस अवसर पर संस्था के संस्थापक ने कहा कि "सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। वृक्षारोपण के माध्यम से हम प्रकृति के प्रति अपना कर्तव्य निभा सकते हैं और एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकते हैं।"
कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं उपस्थित सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। अर्पण फाउंडेशन ने भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े ऐसे सामाजिक अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।































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