नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी के बीटेक स्टूडेंट शिवम् डे ने हॉस्टल में फांसी लगाकर जान दे दी।

अन्य खबरे , 262

नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी के बीटेक स्टूडेंट शिवम् डे ने हॉस्टल में फांसी लगाकर जान दे दी।

सुसाइड नोट में लिखा– "मैं इस शिक्षा प्रणाली के लिए कभी अच्छा छात्र नहीं था। अगर देश महान बनना चाहता है तो वास्तविक शिक्षा प्रणाली से शुरुआत करें। मैं ये तनाव/दबाव नहीं झेल सकता"

छात्र बिहार के मधुबनी का रहने वाला था और उसका नाम शिवम डे था। उसने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। शिवम ने सुसाइड क्यों किया, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। ग्रेटर नोएडा से एक दुखद खबर सामने आई है। शारदा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। शिवम डे नाम का यह छात्र B. Tech का स्टूडेंट था। वह बिहार के मधुबनी का रहने वाला था। उसने हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। शिवम ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था। उसने अपनी मौत के लिए किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उसने लिखा कि यह दुनिया उसके लिए नहीं है और वह खुद को बेकार समझता है। शिवम ने अपने सुसाइड नोट में कई बातें लिखीं। उसने लिखा, "जब आप ये नोट पढ़ रहे होंगे, मैं मर चुका होऊंगा। सुसाइड का निर्णय मेरा खुद का है। इसके लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। ये दुनिया मेरे लिए नहीं है। मै सिर्फ एक यूजलेस हूं। " शिवम ने पुलिस से यह भी प्रार्थना की कि उसकी मौत के लिए किसी को भी दोषी न ठहराया जाए। उसने कॉलेज के प्रबंधन से यह खास गुजारिश की कि उसकी जितनी भी फीस लगी है, उसे उसके पिताजी को वापस कर दिया जाए। शिवम ने यह भी लिखा कि वह एक अच्छा स्टूडेंट नहीं है और शायद वह इस एजुकेशन सिस्टम के लिए नहीं था। उसने अपने अंगों को दान करने की इच्छा भी जताई। शिवम ने आगे लिखा, "मैं उन सभी लोगों से माफी मांगता हूं जिनको मेरी वजह से कोई दुख पहुंचा है। सॉरी बाबा, मैं बुढ़ापे में आपका कोई सपोर्ट नहीं कर सका। मैं किसी प्रकार का स्ट्रैस और प्रेशर नहीं झेल पा रहा हूं। सॉरी"। शिवम के पिता कार्तिक ने बताया कि उनका बेटा 2 महीने तक घर पर रहा था। उस दौरान उसने ऐसा कुछ नहीं बताया जिससे लगे कि वह परेशान है। वह सबसे आराम से बात करता था और उसे कोई दिक्कत नहीं थी। 
 शिवम डे नाम का यह छात्र B. Tech का स्टूडेंट था। वह बिहार के मधुबनी का रहने वाला था। उसने हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। शिवम ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था। उसने अपनी मौत के लिए किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया।

उसने लिखा कि यह दुनिया उसके लिए नहीं है और वह खुद को बेकार समझता है। शिवम ने अपने सुसाइड नोट में कई बातें लिखीं। उसने लिखा, "जब आप ये नोट पढ़ रहे होंगे, मैं मर चुका होऊंगा। सुसाइड का निर्णय मेरा खुद का है। इसके लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। ये दुनिया मेरे लिए नहीं है। मै सिर्फ एक यूजलेस हूं। "

शिवम ने पुलिस से यह भी प्रार्थना की कि उसकी मौत के लिए किसी को भी दोषी न ठहराया जाए। उसने कॉलेज के प्रबंधन से यह खास गुजारिश की कि उसकी जितनी भी फीस लगी है, उसे उसके पिताजी को वापस कर दिया जाए। शिवम ने यह भी लिखा कि वह एक अच्छा स्टूडेंट नहीं है और शायद वह इस एजुकेशन सिस्टम के लिए नहीं था। उसने अपने अंगों को दान करने की इच्छा भी जताई।


शिवम ने आगे लिखा, "मैं उन सभी लोगों से माफी मांगता हूं जिनको मेरी वजह से कोई दुख पहुंचा है। सॉरी बाबा, मैं बुढ़ापे में आपका कोई सपोर्ट नहीं कर सका। मैं किसी प्रकार का स्ट्रैस और प्रेशर नहीं झेल पा रहा हूं। सॉरी"। शिवम के पिता कार्तिक ने बताया कि उनका बेटा 2 महीने तक घर पर रहा था। उस दौरान उसने ऐसा कुछ नहीं बताया जिससे लगे कि वह परेशान है। वह सबसे आराम से बात करता था और उसे कोई दिक्कत नहीं थी।


पिता कार्तिक ने बताया कि वे लोग 2 अगस्त को ही वैष्णो देवी से लौटे थे और वहां भी सब कुछ ठीक था। उन्हें कुछ भी असामान्य नहीं लगा था। कार्तिक ने बताया कि शिवम उनके परिवार का इकलौता बेटा था। उन्होंने कहा कि अगर उसे पढ़ना नहीं था तो वह मना कर देता।

यह पहली बार नहीं है जब शारदा यूनिवर्सिटी में किसी छात्र ने आत्महत्या की है। इससे पहले भी एक बीडीएस की छात्रा ने सुसाइड कर लिया था। उसने अपने सुसाइड नोट में दो शिक्षकों पर आरोप लगाया था। पुलिस ने उन दोनों शिक्षकों को गिरफ्तार भी किया था। उस मामले की जांच अभी भी चल रही है और समिति की रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है।

Related Articles

Comments

Back to Top