11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

जनपत की खबर , 144

नई दिल्ली, 21 जून 2025: आज पूरा विश्व 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में योग की शक्ति का जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 3 लाख से अधिक लोगों के साथ मास योग प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस वर्ष का थीम “योग फॉर सेल्फ एंड सोसाइटी” रखा गया है, जो व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण में योग के योगदान को रेखांकित करता है।
विशाखापत्तनम: PM मोदी ने विशाल जनसमूह के साथ 45 मिनट तक विभिन्न योगासन किए
संसद भवन: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद परिसर में योग सत्र आयोजित किया
उधमपुर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिकों के साथ योग किया

गोरखपुर: UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़े कार्यक्रम में भाग लिया
राज्यों में योग दिवस की झलकियाँ
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में आयोजित कार्यक्रम में कहा, “हमने सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय के साथ मिलकर 700 कॉलेजों में योग कार्यक्रम आयोजित किए। पीएम मोदी के प्रयासों से योग दिवस वास्तव में वैश्विक उत्सव बन गया है।”

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में, जबकि केरल में केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने एर्नाकुलम में योग सत्र का नेतृत्व किया।
इस वर्ष 192 से अधिक देशों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने योगासन किए।
पीएम मोदी ने योग के महत्व पर जोर दिया और बताया कि यह किस तरह से उथल-पुथल भरे समय में शांति लाता है। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से आज पूरी दुनिया किसी न किसी तरह के तनाव से गुजर रही है। कई क्षेत्रों में अशांति और अस्थिरता बढ़ रही है। ऐसे में योग हमें शांति की दिशा देता है।
 प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ता मोटापा पूरी दुनिया के लिए एक चुनौती है। मैंने मन की बात कार्यक्रम में इसपर विस्तार से चर्चा की थी। इसके लिए अपने खाने में 10% तेल कम करने का चैलेंज भी शुरू किया था। मैं एक बार फिर दुनियाभर के लोगों को इस चैलेंज से जुड़ने का आह्वान करता हूं।     
पीएम मोदी ने कहा कि योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि इस पर्यावरणीय और पारिस्थितिक संतुलन के बारे में जागरूकता भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि योग हमें इस परस्पर जुड़ाव के प्रति जागरूक करता है और हमें सिखाता है कि हम अलग-थलग व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि प्रकृति का हिस्सा हैं।”
पीएम मोदी ने कहा कि आज 11वीं बार पूरा विश्व 21 जून को एक साथ योग कर रहा है। योग का सीधा-सादा अर्थ होता है – जुड़ना! ये देखना सुखद है कि कैसे योग ने पूरे विश्व को जोड़ा है। 
मुझे गर्व होता है जब मैं देखता हूं कि हमारे दिव्यांग साथी योगशास्त्र पढ़ते हैं। वैज्ञानिक अंतरिक्ष में योग करते हैं। गांव-गांव में युवा साथी योग ओलंपियाड में भाग लेते हैं।
आइए, हम सब मिलकर योग को एक जन आंदोलन बनाएं। एक ऐसा आंदोलन, जो विश्व को शांति, स्वास्थ्य और समरसता की ओर ले जाए। जहां हर व्यक्ति दिन की शुरुआत योग से करे और जीवन में संतुलन पाए। जहां हर समाज योग से जुड़े और तनाव से मुक्त हो। जहां योग मानवता को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम बने।

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