गोरखपुर में संचालित गरिमा गृह ध्वज वाहक के रूप में कर रहा कार्य

अन्य खबरे , 158

गरिमा गृह का उद्देश्य ट्रांसजेडर्स का भरण-पोषण करना ही नहीं बल्कि इनके भविष्य को उज्जवल बनाना तथा इनके सपनों के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना भी है -असीम अरूण    

लखनऊ: 20 जून, 2025

प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरूण ने आज गोरखपुर गरिमा गृह के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जूम के माध्यम से इस संबंध में चर्चा करते हुए इसकी प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित यह पहला गरिमा गृह ध्वज वाहक के रूप में काम कर रहा है। और भविष्य में इसकी कुशल कार्यशैली को देख कर अन्य जनपदों में स्थापित होने वाले गरिमा गृह भी बेहतर काम करेंगे। समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि गरिमा गृह का उद्देश्य ट्रांसजेंडर्स का भरण-पोषण करना ही नहीं बल्कि इनके भविष्य को उज्जवल बनाना तथा इनके सपनों के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराते हुए समाज की मुख्य धारा से जोड़ना भी है।  
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद मंे कम से कम दो-दो ट्रांसजेंडर्स को उनके कौशल, कुशलता एवं दक्षता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसकी शुरूआत हमें अपने ही विभाग से करते हुए लगभग 20-22 ट्रांसजेंडर्स को उनके कौशल/शिक्षा के आधार पर ड्राइवर, टीचर, रसोईया, सिक्योरिटी गार्ड तथा अन्य विभिन्न प्रकार के कार्यों में रोजगार उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कार्यों में शीघ्रता लाते हुए समाज के सामने एक उदाहरण पेश करें। 
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि गरिमा गृह कैम्पस सीसीटीवी कैमरे से युक्त होने के साथ ही बायोमैट्रिक/फेस अटेंडेंस युक्त होना चाहिए। दक्ष ट्रांसजेंडर्स को स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री युवा लोन दिलाकर उन्हें स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया जाए, जिससे कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर एक सम्मानजनक जीवन यापन में किसी प्रकार की कोई झिझक एवं कठिनाई न हो। बैठक में मौजूद गरिमा गृह के निदेशक एकता माहेश्वरी ने बताया कि यहां निवास करने वाले आठ ट्रांसजेंडर्स को विभिन्न प्रशिक्षण दे कर रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

Related Articles

Comments

Back to Top