*विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने देश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, सर्जन डा० टी०आर०कालरा द्वारा लिखित पुस्तिका “स्वस्थ कैसे रहे“ का किया विमोचन*

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*इस पुस्तिका में स्वास्थ्य संबन्धी सभी तथ्यों एवं विषयों का उल्लेख* 

 *व्यायाम, संतुलित भोजन, स्वस्थ्य एवं अनुशसित जीवनशैली, नियमित शारीरिक जांच एवं हेल्थ ऐथिक्स सिद्धान्त का भी इस पुस्तिका में उल्लेख* 

लखनऊ : 26 मई, 2025

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने आज विधान भवन स्थित तिलक हाल में देश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, सर्जन डा० टी०आर०कालरा द्वारा लिखित पुस्तिका “स्वस्थ कैसे रहे“ का विमोचन किया। इस पुस्तिका को लिपिबद्ध करने में डा0 कालरा की पुत्री डा० रूचि बांगा ने विशिष्ट सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के युग में “स्वस्थ कैसे रहे“ और बीमारियों से बचने एवं स्वस्थ्य जीवन कैसे जिया जाये इस बात का इस पुस्तिका में स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
श्री सिंह ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य मानव जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण आयाम है। स्वस्थ्य होने का मतलब सिर्फ बीमार नहीं होने से नहीं है, अपितु यह विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करता है, जो हमारे जीवन को सुखमय बनाता है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति ही खुशहाल जीवन जी सकता है। स्वस्थ्य शरीर में स्वस्थ्य मन का वास होता है। वतर्मान समय में इस तथ्य को चरितार्थ करने के लिए हम सभी को अपनी दिनचर्या में संतुलित आहार, व्यायाम को अपनाने की महति आवश्यकता है। व्यायाम हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्यक्ति को अपने खान-पान में उम्र, समय एवं मौसम के अनुसार बदलाव करते रखना चाहिए तथा सदैव पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए, हानिकारक पदार्थों से दूर रहना चाहिए। भोजन स्वास्थ्यवर्धक हो न की स्वादपरक। आज महति आवश्यकता है कि भाग-दौड़ भरी इस जिन्दगी में हम सभी अपने भोजन में मोटे अनाजों को सम्मलित करें एवं शारीरिक श्रम को महत्ता दें।
डॉ कालरा द्वारा रचित इस पुस्तिका में स्वास्थ्य संबन्धी सभी तथ्यों को समेकित किया गया है। इस पुस्तिका में स्वास्थ्य संबन्धी विषयों का उल्लेख किया गया है जिसमें मादक वस्तुओं से होने वाले नुकसान का जिक्र है। व्यायाम, संतुलित भोजन, स्वस्थ्य एवं अनुशासित जीवनशैली, नियमित शारीरिक जांच एवं हेल्थ ऐथिक्स (स्वस्थ्य रहने का सिद्धान्त) का भी इस पुस्तिका में उल्लेख है। डा० कालरा ने हिन्दी में शल्य प्रक्रिया एवं अंकन पर भी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पुस्तिका लिखी है, जिसका लाभ शहरी-ग्रामीण चिकित्सक उठा रहे हैं।
इस दौरान प्रमुख सचिव विधान परिषद डा0 राजेश सिंह सहित चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य एवं अन्य उपस्थित थे।

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