राज्यपाल की अध्यक्षता में राजभवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई

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राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए
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आंगनबाड़ी केंद्रों का निरंतर सरप्राइज विजिट करें अधिकारी
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आंगनबाड़ी समाज और मानव विकास का मुख्य केंद्र
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हमारी जिम्मेदारी है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का समुचित विकास हो
-राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल
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लखनऊः 22 अगस्त, 2024

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, श्रीमती आनंदीबेन पटेल, की अध्यक्षता में आज राजभवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान, जनपद अयोध्या में आंगनबाड़ी केंद्रों की नवीन स्वीकृति विषयक कार्यवाही की अद्यतन स्थिति, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित महिला एवं बाल विकास विभाग की समस्त योजनाओं समीक्षा की गई, जिसमें आंगनवाड़ी केन्द्रों को कायाकल्पित करने हेतु विभिन्न मदों से प्राप्त होने वाली धनराशि तथा उसके उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गयी।
राज्यपाल जी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं को सही ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी योजनाओं का लाभ समय पर लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए।
राज्यपाल जी ने किशोरियों के लिए पोषणयुक्त आहार की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए विभाग के मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों का निरंतर सरप्राइज विजिट करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकार की योजनाएं सही तरीके से क्रियान्वित हो रही हैं।
राज्यपाल जी ने विभाग को नियमित रूप से मंत्रियों के साथ बैठकें करने का निर्देश भी दिये, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं पर चर्चा की जा सके और उनका समाधान निकाला जा सके। उन्होंने जिलों में सीडीपीओ, सुपरवाइजर और कार्यकत्रियोंं की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए।
 राज्यपाल जी ने कहा कि आंगनबाड़ी समाज और मानव विकास का मुख्य केंद्र हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का समुचित विकास हो। जब तक हम खुद काम नहीं करेंगे, दूसरों को निर्देश नहीं दे सकते। हमें अपनी ड्यूटी के साथ-साथ समाज कल्याण के लिए भी कार्य करना चाहिए।
संस्थागत डिलीवरी पर चर्चा करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि अभी भी कुछ प्रतिशत डिलीवरी अस्पताल में नहीं हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस समस्या के कारणों का विश्लेषण करें और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में गोद भराई कार्यक्रम के दौरान सगर्भा माताओं के सामने देशभक्ति, शहीदों की कहानी या धार्मिक कथाओं का वर्णन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के दौरान संगीत भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे को भी संस्कार मिल सके।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की नियुक्ति के समय उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए राज्यपाल जी ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी में सभी गतिविधियां कैलेंडर के अनुसार और नियमित रूप से संचालित की जाएं।
राज्यपाल जी ने जनपद अयोध्या में नए आंगनबाड़ी केंद्रों के शीघ्र निर्माण और उन्हें समय पर आवश्यक किट प्रदान करने पर भी जोर दिया। उन्होंने विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी के बच्चों को स्कूल, मंदिर, पंचायत घर, खेलकूद का मैदान और बाजार का भ्रमण कराते रहना चाहिए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने राज्यपाल जी के सुझावों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग नियमित बैठकें करेगा और आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास, पोषणयुक्त आहार की उपलब्धता, और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देगा। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री राज्यपाल डॉ सुधीर एम0 बोबडे, महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती लीना जौहरी, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती बी. चंद्रकला, विशेष सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सुधा वर्मा, निदेशक आईसीडीएस श्रीमती सरनीत कौर ब्रोका सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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