राजधानी के आरटीओ कार्यालय में स्थाई कर्मचारी नहीं नियुक्त होने से बनती जा रही गंभीर समस्या

अन्य खबरे , 174

लखनऊ।
राजधानी के आरटीओ कार्यालय में 2000 से अधिक फाइलों का लंबित पड़ा है अप्रूवल कार्य । स्थाई कर्मचारी नहीं नियुक्त होने से बनती जा रही गंभीर समस्या। आरटीओ कार्यालय में काम कराने आने वाले आवेदक 10 दिन से लगा रहे हैं चक्कर । हैरत वाली खबर यह है कि यहां बीते 10 साल से रियाज और नेता नाम के युवक कर रहे हैं डीएल, कमर्शियल वाहनों का फिटनेस अप्रूवल समेत महत्वपूर्ण राजस्व फाइलों का अप्रूवल कार्य। स्मार्ट चिप के तहत दिखाकर इन कर्मचारियों से कराया जाता है शासकीय कार्य में खेल। अपना कोड खोलकर आरटीओ कार्यालय से गायब रहते हैं आर आई, रियाज, नेता का दिन भर चलता है वसूली का खेल। आर आई के संरक्षण में होती है खुली सुविधा शुल्क वसूली। जानकारों का कहना आखिर किसके आदेश पर बाहरी युवक कर रहे हैं संभागीय कार्यालय का महत्वपूर्ण शासकीय कार्य । दिनभर आरटीओ कार्यालय में ढूंढे जाते हैं संभागीय निरीक्षक। अधिकारियों का हाल यह है मुख्यमंत्री आवास, राज भवन मैं फ्लीट चेक करने का तर्क देकर वसूली, सेटिंग करने में रहते हैं व्यस्त । आर आई कहना है की मंत्री, टीसी से है मेरी बेहतर सेटिंग लखनऊ आरटीओ कार्यालय का काम ऐसे ही चलेगा। अव्यवस्था सुधर नहीं सकती है । एक कहावत लखनऊ आरटीओ कार्यालय में चरितार्थ हो रही है कि सैया भये कोतवाल तो डर काहे का।

Related Articles

Comments

Back to Top