यूपी संवाददाता समिति में बड़ा ऐक्शन: अध्यक्ष शेखर पंडित बर्खास्त, संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने अनुशासनहीनता पर दिखाई सख्ती

लखनऊ , 7

समिति विरोधी गतिविधियों और कथित अनुशासनहीनता पर कार्रवाई, कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों ने फैसले का किया समर्थन

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। समिति के संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने अध्यक्ष शेखर पंडित को पद से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पत्रकारिता और मीडिया जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
समिति की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शेखर पंडित पर संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने, सोशल मीडिया पर समिति और पदाधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी करने तथा बाहरी संगठन के प्रभाव में काम करने के आरोप लगाए गए हैं। बताया गया कि इन आरोपों के संबंध में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, 24 मई को समिति के कोषाध्यक्ष विक्रम राव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके बाद कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों ने भी इस फैसले का समर्थन किया।
समर्थन देने वालों में महासचिव ज्ञानेश पाठक, उपाध्यक्ष के.के. सिंह एवं जितेंद्र कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष विक्रम राव तथा संयुक्त सचिव अर्चना गुप्ता के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि समिति की गरिमा, अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था।
समिति के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि शेखर पंडित ने पद ग्रहण करते समय संगठन के नियमों और मर्यादाओं का पालन करने का शपथ पत्र दिया था, लेकिन बाद में उन पर नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगे। इसी आधार पर संगठन ने कठोर कार्रवाई की।
इस फैसले के बाद समिति के भीतर नई हलचल तेज हो गई है। समर्थक इसे संगठन को मजबूत करने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि विरोधी खेमे में असंतोष की चर्चा भी है। फिलहाल, समिति की ओर से आगे की रणनीति और नए संगठनात्मक बदलावों को लेकर मंथन जारी है।

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