**लंपी रोग की रोकथाम को लेकर सरकार अलर्ट, 10 जिलों में संक्रमण की पुष्टि**

राजस्थान , 21

**मुख्यमंत्री के निर्देश पर समीक्षा बैठक, घर-घर सर्वेक्षण और सतत निगरानी के दिए निर्देश**
 
**जयपुर, 11 सितंबर।** प्रदेश में लंपी स्किन डिजीज के बढ़ते मामलों को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी और नियंत्रण की कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुक्रवार को पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव **विकास सीतारामजी भाले** की अध्यक्षता में पशुधन भवन स्थित राजस्थान राज्य पशुधन विकास बोर्ड के सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
 
बैठक में प्रदेश में लंपी रोग की वर्तमान स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण, टीकाकरण और बीमार पशुओं के उपचार की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों को रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक कदम **प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से** उठाने के निर्देश दिए।
 
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को लंपी रोग के लक्षण, बचाव और उपचार के संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराई जाए। पशु चिकित्सा संस्थाओं के माध्यम से बीमार पशुओं को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
 
### **अप्रभावित जिलों पर विशेष फोकस**
 
प्रमुख शासन सचिव ने उन जिलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जहां अभी तक लंपी रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि ऐसे जिलों में पहले से ही प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि संक्रमण का प्रसार वहां तक न पहुंच सके। उन्होंने व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से पशुपालकों को रोग के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।
 
श्री भाले ने चिकित्साधिकारियों को **घर-घर जाकर बीमार पशुओं का सर्वेक्षण** करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला स्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा विभागीय अधिकारियों को अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा।
 
### **10 जिले लंपी रोग से प्रभावित**
 
बैठक में पशुपालन निदेशक **डॉ. सुरेश चंद मीना** ने प्रदेश में लंपी रोग की स्थिति और विभाग की ओर से किए जा रहे नियंत्रणात्मक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के **10 जिले लंपी रोग से प्रभावित हैं**, जिनमें अधिकांश पूर्वी राजस्थान के जिले हैं।
 
उन्होंने बताया कि सक्रिय संक्रमित गौवंश की संख्या में कमी आ रही है, हालांकि अब तक **16 पशुओं की मौत** हो चुकी है।
 
### **पशु मेले और हाट पर प्रतिबंध**
 
पशुपालन निदेशक ने बताया कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पशुओं के आवागमन को नियंत्रित किया जा रहा है। इसके तहत **पशु मेलों और पशु हाट पर प्रतिबंध** लगाया गया है। इसके अलावा जिला एवं राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष तथा त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का गठन किया गया है।
 
पशुपालकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रोग की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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