विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (10 सितंबर) मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय पर पहचानना और उपचार उपलब्ध कराना जरूरी,
राजस्थान Sep 10, 2026 at 05:59 PM , 2310 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक चलेगा प्रदेशभर में विशेष मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम जागरूकता अभियान,
टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर प्रदेश के एक लाख से अधिक लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए कॉल किया
जयपुर, 10 सितम्बर। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएमएचए) की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने तथा आत्महत्या की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए 10 सितंबर से 10 अक्टूबर,2026 तक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या की रोकथाम में परिवार, समाज, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों से ही प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
श्रीमती राठौड़ ने कहा कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर तक प्रदेशभर में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान रैलियां, कार्यशालाएं, क्विज, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम का संदेश आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज-ममता एवं मनदर्पण कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, किशोरों और युवाओं में तनाव प्रबंधन, भावनात्मक मजबूती और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को आमजन तक आसानी से पहुंचाने में टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश में अब तक हेल्पलाइन पर एक लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं। इनमें 95,305 कॉल लोगों द्वारा स्वयं की गईं, जबकि 16,072 कॉल टेली-मानस की ओर से शुरू की गईं। हेल्पलाइन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर समाज में बनी झिझक और भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। जरूरतमंद व्यक्ति को बिना किसी संकोच के मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, किशोरों और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक मजबूती को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विभाग का विशेष फोकस है।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि एसएमएचए के माध्यम से प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की पंजीकरण एवं निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के नशा मुक्ति केंद्रों को एसएमएचए के तहत पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। निर्धारित मानकों के अनुरूप मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण एवं स्थायी पंजीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
श्रीमती राठौड़ ने कहा कि “किसी व्यक्ति को सुनना, समझना और समय पर सहायता तक पहुंचाना आत्महत्या की रोकथाम की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर हमें ऐसा वातावरण बनाना होगा, जहां व्यक्ति अपनी परेशानी खुलकर साझा कर सके और बिना किसी झिझक के मदद ले सके।”
उन्होंने आमजन से अपील की कि मानसिक तनाव अथवा किसी भी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस होने पर चुप रहने के बजाय विशेषज्ञों से परामर्श लें और जरूरतमंद व्यक्ति का सहयोग करें।






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