राजस्थान के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा होगी और मजबूत, 30 सितंबर तक होगा सिक्योरिटी ऑडिट
राजस्थान Sep 02, 2026 at 07:22 PM , 17**डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने दिए निर्देश; खाटूश्यामजी, सालासर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन के होंगे विशेष इंतजाम**
**जयपुर, 2 सितंबर।** राजस्थान में देशी-विदेशी पर्यटकों और धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को और मजबूत करने के लिए पुलिस ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पुलिस महानिदेशक **राजीव कुमार शर्मा** ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पर्यटन स्थलों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पर्यटक सहायता बल (टीएएफ), पर्यटन थानों, सीसीटीवी कवरेज और आकस्मिक चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की।
### 30 सितंबर तक सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों का सुरक्षा ऑडिट
डीजीपी ने निर्देश दिए कि आमेर में किए गए सुरक्षा ऑडिट की तर्ज पर **30 सितंबर तक प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों का सिक्योरिटी ऑडिट** कराया जाए। ऑडिट में सामने आने वाली कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की सुरक्षा केवल मेलों या विशेष आयोजनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। वर्षभर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए **स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था** विकसित की जाए।
### हर सप्ताह उमड़ने वाली भीड़ पर भी रहेगी नजर
डीजीपी ने कहा कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केवल बड़े मेलों का इंतजार नहीं किया जाए। **खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी** सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रत्येक सप्ताह बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए वीकेंड, लॉन्ग वीकेंड और अन्य दिनों में भी भीड़ के अनुरूप पुलिस बल एवं टीएएफ की तैनाती की जाए।
उन्होंने **खाटूश्यामजी, मेहंदीपुर बालाजी, सालासर बालाजी, रामदेवरा, गोगामेड़ी, पुष्कर, श्रीनाथद्वारा और सांवरियाजी** जैसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों पर पुलिस, प्रशासन और देवस्थान विभाग के बीच बेहतर समन्वय से भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
### पर्यटक सहायता बल की प्रभावी मौजूदगी जरूरी
डीजीपी ने पर्यटन स्थलों पर तैनात **पर्यटक सहायता बल (टीएएफ)** को और सुदृढ़ करने तथा उनकी प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रमुख स्थानों पर पुलिस हेल्पलाइन **112**, राजकॉप सिटीजन एप और अन्य उपयोगी सूचनाओं वाले स्टेंडी लगाने तथा टीएएफ के विशेष सहायता बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सहायता बूथ केवल औपचारिकता न हों, बल्कि वहां प्रशिक्षित कार्मिक मौजूद रहें और पर्यटकों को तत्काल जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराएं।
### एयरपोर्ट पर भी मिलेगी पर्यटकों को सूचना
बैठक में बताया गया कि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर टीएएफ की व्यवस्था है, जबकि एयरपोर्ट पर ऐसी व्यवस्था नहीं है। इस पर डीजीपी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से समन्वय कर **पोस्टर, बैनर, स्टेंडी और एलईडी** के माध्यम से पर्यटकों के लिए आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
साथ ही एयरपोर्ट समेत सभी प्रवेश एवं निकास स्थलों पर टीएएफ और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
### बहुभाषी सहायता बूथ और साइन बोर्ड
पर्यटक सहायता बूथों को आकर्षक बनाने के साथ वहां विभिन्न भाषाओं में पर्यटन स्थलों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पर्यटन स्थलों पर भी अलग-अलग भाषाओं में साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों को **लैंग्वेज एक्सपर्ट** के रूप में सेवाएं उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया गया, जिससे विदेशी पर्यटकों को उनकी भाषा में सहायता मिल सके।
### सीसीटीवी और मेडिकल सुविधाओं पर जोर
पर्यटन स्थलों पर अधिकाधिक **सीसीटीवी कैमरे लगाने**, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कैमरों को जोड़ने और संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिक पर्यटक संख्या वाले स्थानों पर पर्यटन थाने स्थापित करने, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा महिला पर्यटकों की सहायता के लिए पर्याप्त संख्या में **महिला पुलिसकर्मियों** की तैनाती पर भी जोर दिया गया। आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित गाइड की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
### सवाईमाधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन थानों के प्रस्ताव का फॉलोअप
डीजीपी ने **सवाईमाधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन थाने स्थापित करने के प्रस्तावों** का फॉलोअप लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां लगातार बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, वहां पर्यटन पुलिस की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।
प्रदेश में पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाने के साथ पर्यटन पुलिस को पर्याप्त बल और पर्यटन क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
### आमेर मॉडल को अन्य पर्यटन स्थलों पर लागू करने के निर्देश
डीजीपी ने आमेर में किए गए सुरक्षा ऑडिट और केस स्टडी से सामने आई व्यवस्थाओं को प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ **स्वच्छ वातावरण, व्यवस्थित आवागमन, बेहतर सड़क, पार्किंग, आवश्यक सूचनाएं और सुगम यातायात** भी बेहतर पर्यटन अनुभव का हिस्सा हैं। इन सभी पहलुओं पर संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
### जयपुर में हेरिटेज वॉक को मिलेगा बढ़ावा
जयपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए **हेरिटेज वॉक** की व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य पर्यटकों को शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ सुरक्षित एवं व्यवस्थित भ्रमण का अवसर उपलब्ध कराना है।
बैठक में डीजी ट्रैफिक **मालिनी अग्रवाल** ने पर्यटन स्थलों पर राजस्थान पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने अधिकाधिक पर्यटन स्थलों को सीसीटीवी कवरेज में लाने तथा अधिक पर्यटक संख्या वाले क्षेत्रों में पर्यटन थाने स्थापित करने के सुझाव दिए।
पर्यटन आयुक्त **रुक्मणि रियाड** ने गत बैठक की अनुपालना रिपोर्ट और प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने डीओआईटी के माध्यम से तैयार किए गए विशेष एप के जल्द लॉन्च होने की जानकारी दी। डीजीपी ने इस एप को **राजकॉप सिटीजन एप और पैनिक बटन से इंटीग्रेट** कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि टीएएफ और पुलिस के बेहतर समन्वय के लिए **कालिका पेट्रोलिंग यूनिट** को नियमित पेट्रोलिंग के दौरान टूरिस्ट साइट्स को भी कवर करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी विजिलेंस **वंदिता राणा** ने गोवा, तिरुमला सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों के भ्रमण से प्राप्त अनुभवों और बेस्ट प्रैक्टिसेज पर आधारित प्रस्तुति दी।
बैठक में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर **वी.के. सिंह**, नगर निगम आयुक्त **ओम कसेरा** सहित पर्यटन विभाग, आरटीडीसी, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






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