राजस्थान में औषधि नियंत्रण टीम की बड़ी कार्रवाई, 478 नमूनों की जांच में 17 दवाएं अमानक
राजस्थान Sep 02, 2026 at 06:16 PM , 16**बुपिकैन-हैवी इंजेक्शन के 7 नमूने फेल, जयपुर समेत तीन जिलों से 12,228 इंजेक्शन जब्त**
**जयपुर, 2 सितंबर।** राजस्थान में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से औषधि नियंत्रण विभाग ने अगस्त 2026 में दवाओं की गुणवत्ता की व्यापक जांच की। इस दौरान बाजार से **478 दवा नमूने** लिए गए, जिनकी वैज्ञानिक जांच में **17 नमूने अमानक (NSQ)** पाए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव **गायत्री राठौड़** ने बताया कि अमानक पाए गए नमूनों में बी-कॉम्प्लेक्स, कैल्शियम एवं विटामिन डी-3, टेल्मिसार्टन एवं एम्लोडिपिन, बिलास्टाइन, अमॉक्सीसिलिन एवं पोटैशियम क्लावुलेनेट, ऑफ्लॉक्सासिन एवं ऑर्निडाजोल जैसी दवाओं के साथ ओंडानसेट्रॉन व डेक्सामेथासोन इंजेक्शन तथा **बुपीवाकेन हाइड्रोक्लोराइड इन डेक्सट्रोज (बुपिकैन-हैवी) इंजेक्शन** शामिल हैं।
### बुपिकैन-हैवी के 7 नमूने जांच में फेल
अमानक पाए गए नमूनों में **बुपिकैन-हैवी इंजेक्शन के बैच नंबर BKBP 02601 के सात नमूने** शामिल हैं। इन नमूनों को जयपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झालावाड़ और कोटा से लिया गया था।
राजकीय विश्लेषक, औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, जयपुर की जांच में सभी सात नमूने **बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन की पुष्टि** होने के कारण अमानक घोषित किए गए। अन्य राज्यों में मरीजों में एडवर्स ड्रग रिएक्शन की सूचना मिलने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाजार में उपलब्ध इस दवा के स्टॉक की बिक्री पर रोक लगाई और **रिकॉल प्रक्रिया शुरू** की।
### 12,228 इंजेक्शन जब्त
औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने जयपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में कार्रवाई करते हुए **बुपिकैन-हैवी के 12,228 इंजेक्शन जब्त** किए हैं। जब्त स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब **4 लाख रुपये** बताई गई है।
अमानक घोषित नमूनों और संबंधित स्टॉक के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
### बी-कॉम्प्लेक्स की 6,280 स्ट्रिप्स भी जब्त
आयुक्त, औषधि नियंत्रण **अविचल चतुर्वेदी** ने बताया कि इसके अतिरिक्त जैक्सन लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड, अमृतसर द्वारा निर्मित बी-कॉम्प्लेक्स की **6,280 स्ट्रिप्स** भी जब्त की गई हैं। इनकी अनुमानित कीमत **92,316 रुपये** है।
जांच में इस दवा में **विटामिन B1 और कैल्शियम डी-पैंटोथेनेट की मात्रा शून्य** पाई गई।
### लगातार जारी रहेगी दवाओं की गुणवत्ता जांच
औषधि नियंत्रण विभाग के अनुसार प्रदेश में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बाजार से नियमित रूप से नमूने लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच की जाती है। गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली दवाओं के निर्माताओं और संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
विभाग का उद्देश्य बाजार में अमानक दवाओं की उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाते हुए **राजस्थान की जनता को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना** है।






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