*इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में निवेश और रोजगार की अपार संभावनाएं : मंत्री नन्दी*

जनपत की खबर , 17

*ग्रेटर नोएडा में ‘टर्मिनेटर 5.0–2026’ तकनीकी सम्मेलन का उद्घाटन, स्वच्छ परिवहन और तकनीकी नवाचार पर दिया जोर*


ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने शनिवार को ग्रेटर नोएडा स्थित जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल एसोसिएशन (IFEVA) एवं ग्रीन एनर्जी फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘टर्मिनेटर 5.0–2026’ तकनीकी सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। मंत्री नन्दी ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि आज विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के बीच संतुलन स्थापित करना भी है। इलेक्ट्रिक वाहन स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने, ऊर्जा संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा नए उद्योगों एवं रोजगार के अवसरों के सृजन का भी सशक्त माध्यम बन रहा है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के संकल्प को नई गति मिली है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बेहतर कनेक्टिविटी, सुदृढ़ औद्योगिक बुनियादी ढांचे और निवेश-अनुकूल नीतियों के बल पर देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, बैटरी उत्पादन, चार्जिंग अवसंरचना और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के पास अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार इन संभावनाओं को साकार करने के लिए निवेश को प्रोत्साहित करने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और औद्योगिक उत्पादन का विस्तार करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इन क्षेत्रों में होने वाला विकास युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

मंत्री नन्दी ने कहा कि ‘टर्मिनेटर 5.0–2026’ जैसे तकनीकी सम्मेलन उद्योग जगत, तकनीकी संस्थानों और शोधकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजन आपसी सहयोग, कौशल विकास, तकनीकी दक्षता तथा गुणवत्ता एवं सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी क्षमता का विकास भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहायक होगा।

सम्मेलन में जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. मानस मिश्रा, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय में वैज्ञानिक ‘एफ’ डॉ. विशाल चौधरी, डिविजनल ऑफिसर सिविल डिफेंस एवं प्रयाग इन ग्रुप ऑफ होटल्स के एमडी व चेयरमैन रौनक गुप्ता, ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (ASDC) के चेयरमैन विंकेश गुलाटी, IFEVA के संस्थापक डॉ. शैलेंद्र सरोज, अध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा, चेयरमैन डॉ. कल्याण हाथी, इलेक्ट्रा ग्रीनटेक के एमडी महेश बजाज, मैनेजमेंट विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद सिंह एवं श्वेता यादव सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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